नाहन : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के विशेष निगरानीकर्ता बालकृष्ण गोयल के नाहन दौरे ने आज स्थानीय प्रशासन और मार्केट कमेटी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आज सुबह जब गोयल अचानक नाहन की मुख्य सब्जी मंडी पहुंचे, तो वहां व्याप्त गंदगी और अव्यवस्था को देख उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए।
मानवाधिकार और जन-स्वास्थ्य पर NHRC का रुख निरीक्षण के दौरान बालकृष्ण गोयल ने कहा कि स्वच्छ वातावरण में रहना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। मंडी जैसे सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है। उनके कड़े तेवर देख नगर परिषद की टीम तुरंत सक्रिय हुई और मंडी परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरे का निस्तारण किया गया।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच फ्रूट एंड वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सैनी ने व्यापारियों और आम जनता की समस्याओं को लेकर मोर्चा खोल दिया। उन्होंने आज उपायुक्त (DC) से मुलाकात की और मंडी की बदहाली पर ज्ञापन सौंपा। सैनी ने बताया कि मंडी परिसर में आवारा पशुओं का जमावड़ा एक बड़ी समस्या बन चुका है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और व्यापारियों का कीमती सामान खराब होता है। इसके अलावा, उन्होंने बाहर से आ रहे अवैध रेहड़ी-फड़ी वालों पर भी अंकुश लगाने की मांग की, जो मंडी की आंतरिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।
नगर परिषद के सफाई निरीक्षक सुलेमान खान ने इस विषय में जानकारी देते हुए बताया कि मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के अनुपालन में उनकी टीम ने आज सुबह ही सब्जी मंडी की सघन सफाई करवा दी है। उन्होंने प्रशासन की ओर से सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था को बनाए रखना मार्केट कमेटी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। खान ने स्पष्ट किया कि बार-बार की जा रही लापरवाही को देखते हुए नगर परिषद कल मार्केट कमेटी को एक औपचारिक नोटिस जारी करने जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की अव्यवस्था न हो।
एक तरफ जहाँ NHRC की निगरानी ने प्रशासन को कार्य करने पर मजबूर किया है, वहीं दूसरी तरफ राजकुमार सैनी के नेतृत्व में व्यापारियों ने स्थाई समाधान की मांग की है। अब देखना यह होगा कि मार्केट कमेटी इस नोटिस और अध्यक्ष सैनी की मांगों पर क्या ठोस कार्रवाई करती है।