नाहन : 13 रजब के पावन अवसर पर अमीर-उल-मोमिनीन हज़रत इमाम अली (अ.) की विलादत की याद में ख़ादिम-ए-बिबी फ़ातिमा ज़हरा की ओर से चौथा वार्षिक जश्न-ए-विलादत श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर इमाम अली (अ.) की शिक्षाओं को स्मरण किया।
इस अवसर पर धार्मिक तकरीरें की गईं, जिनमें इमाम अली (अ.) के इंसानियत, न्याय, सेवा, त्याग और भाईचारे के संदेश पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि इमाम अली (अ.) की शिक्षाएँ आज के दौर में भी समाज को सही दिशा देने वाली हैं और आपसी सौहार्द व मानवता की भावना को मजबूत करती हैं।

कार्यक्रम में आए सभी आगंतुकों के लिए कढ़ी-चावल, खीर एवं फलों का वितरण किया गया। आयोजन के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में स्वयंसेवकों की सराहनीय भूमिका रही।
इस मौके पर ख़ादिम-ए-बिबी फ़ातिमा ज़हरा के अध्यक्ष मुनीर सैयद ने बताया कि यह आयोजन हर वर्ष इमाम अली (अ.) के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जाता है। उन्होंने कहा कि इमाम अली (अ.) का जीवन हमें इंसानियत की सेवा, ज़रूरतमंदों की मदद और समाज में भाईचारे को बढ़ावा देने की सीख देता है।
कार्यक्रम के समापन के बाद आयोजकों और स्वयंसेवकों द्वारा सड़क एवं आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। इस पहल के माध्यम से समाज में स्वच्छता, ज़िम्मेदारी और सामाजिक जागरूकता का सकारात्मक संदेश दिया गया।