नाहन : शिलाई उपमंडल की 19 वर्षीय आईटीआई छात्रा सुष्मिता पुत्री गांधी सिंह, निवासी माशु (पोस्ट ऑफिस जामना), कमरऊ की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। छात्रा पिछले दो दिनों से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थी।
दरसअल, घटना 27 नवंबर (वीरवार) की है। रोज की तरह सुष्मिता आईटीआई पहुंची थी, लेकिन दोपहर के समय वह संस्थान से कुछ दूरी पर स्थित जंगल में चली गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने यहां एक पेड़ पर फंदा लगा लिया था।
इसी दौरान उसकी सहेलियाँ वहां से गुजर रही थीं। उन्होंने सुष्मिता को फंदे पर लटका देखा तो तुरंत शोर मचाया और उसे नीचे उतारा। उस समय वह अर्धचेतन अवस्था में थी।

छात्रा को सहेलियों और अन्य छात्राओं की मदद से तुरंत नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने बिना देर किए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया। पीजीआई में दो दिनों तक डॉक्टरों की टीम उसका उपचार करती रही। शुक्रवार को उसकी हालत में थोड़ा सुधार आया था, लेकिन देर रात तबीयत अचानक बिगड़ गई और आज सुबह उसने दम तोड़ दिया।
डीएसपी रमाकांत ठाकुर ने बताया कि छात्रा के बयान नहीं हो पाए थे। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का प्रयास प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस सभी संभावित पहलुओं—मानसिक दबाव, किसी तरह की धमकी, रिश्तों में तनाव या संस्थान में किसी घटना—की गहन जांच कर रही है।
पीजीआई ने औपचारिकताएं पूरी कर छात्रा का शव नाहन भेज दिया है। नाहन मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
सुष्मिता की मौत की खबर से गांव माशु और पूरे कमरऊ क्षेत्र में शोक की लहर है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, आईटीआई परिसर में छात्राओं के बीच घटना के बाद गहरा दुख और भय का माहौल है।