सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के वानिकी महाविद्यालय ने समाज को खोखला कर रहे ‘चिट्टा’ जैसे घातक नशे के खिलाफ एक जोरदार मुहिम छेड़ी है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय द्वारा एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं और स्थानीय निवासियों को इस जानलेवा लत से बचाना है।

रैली का शुभारंभ वानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. सी.एल. ठाकुर और छात्र कल्याण डीन (DSW) डॉ. एच.पी. सांख्यान ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ इस जंग में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे केवल खुद तक सीमित न रहें, बल्कि आगे बढ़कर समाज में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाएं।
रैली में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों और अन्य विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। यह जागरूकता रैली विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर से शुरू होकर नौणी बाजार से गुजरते हुए नौणी-शमरोड पंचायत तक पहुंची। हाथों में बैनर और जुबां पर नशा विरोधी नारों के साथ छात्रों ने स्थानीय लोगों को ‘चिट्टा’ के जानलेवा परिणामों के प्रति आगाह किया और युवाओं को इस दलदल से दूर रहने का संदेश दिया।
इस पूरे अभियान का सफल संचालन एंटी-चिट्टा अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. ललित ठाकुर और एनएसएस अधिकारी डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. चंद्रेश गुलेरिया, डॉ. प्रतिमा और डॉ. नितिन शर्मा के नेतृत्व में किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़कर एक नशा मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।