नाहन : राजकीय प्राथमिक पाठशाला घिड़गा-चिनाड, शिक्षा खंड नौहराधार, जिला सिरमौर (हि.प्र.) में वर्ष 1991 से 2025 तक पाँचवीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुके पूर्व छात्र (एलुमनी) अपने प्रथम शिक्षण संस्थान को संवारने के उद्देश्य से एकत्रित हुए। देश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं दे रहे इन पूर्व विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रांगण में श्रमदान कर अपने स्कूल के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
श्रमदान के साथ आयोजित बैठक में क्षेत्र के विकास और बच्चों के सर्वांगीण उत्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वार्ड नंबर 5 में डमरेट के पास एक क्रिकेट मैदान बनाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे जल्द से जल्द शुरू करने पर सहमति बनी। इसके अलावा शीतकालीन अवकाश के दौरान वार्ड के चारों गांव घिड़गा, चिनाड, चिलगा और डमरेट में संघ की शाखाएं लगाने का निर्णय भी लिया गया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यालय प्रांगण में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, ताकि बच्चों को मोबाइल, टेलीविजन और कंप्यूटर की लत से दूर रखा जा सके। साथ ही विद्यालय प्रांगण को समतल करने का शेष कार्य, जिसमें चिकनी मिट्टी बिछाने का कार्य शामिल है, आगामी कुछ दिनों में पूरा किया जाएगा।
आने वाले समय में विद्यालय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक अतिरिक्त कक्ष (कमरा) के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा गया, जिसे शीघ्र अमल में लाने का संकल्प लिया गया। पूर्व छात्रों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव सहयोग देते रहेंगे।
विद्यालय प्रांगण को संवारने और अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए पूर्व छात्रों द्वारा स्वैच्छिक दान भी दिया गया। इस क्रम में सुरेश कुमार (सीनियर असिस्टेंट अकाउंट्स, बबलू), पुत्र राम लाल शर्मा शास्त्री, ग्राम चिनाड की ओर से 2100 रुपये की राशि प्रदान की गई। राकेश कुमार (डिम्पल), सुपुत्र श्री रामा नंद शर्मा, ग्राम घिड़गा, वर्क मैनेजर शूलिनी यूनिवर्सिटी द्वारा 30 बैग सीमेंट दान किए गए।
इसके अलावा हवलदार मनोज कुमार और नायक प्रवीण कुमार, पुत्र राजेंद्र सिंह, ग्राम चिलगा की ओर से 5100 रुपये तथा देवेंद्र, पुत्र हेमचंद, ग्राम चिनाड की ओर से 3000 रुपये की राशि दान स्वरूप प्राप्त हुई। पूर्व छात्रों और ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि विद्या रूपी मंदिर को संवारने में समाज की सहभागिता कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस श्रमदान कार्यक्रम में वार्ड नंबर 5 के लगभग 40 लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों में जय राम, कांता देवी, (मथरा) भागमंती देवी तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला घिड़गा-चिनाड के शिक्षक राजपाल की विशेष उपस्थिति रही। इसके अलावा अजय, देवेंद्र, राजेश कुमार, बरमानंद, रजनीश, राकेश, मनोज, दिनेश, ऋतिक, सात्विक, हिमांशु, अथर्व, शिवांश, चंद्रकला, राधा देवी, सुमन, वंदना, वंदना कुमारी, संगीता, हरिता, गायत्री, आस्था, पीहू, तन्वी, उद्धव, पीयूष, इशांत शर्मा व उमेश गुन्नू सहित अनेक लोग श्रमदान में सहभागी बने। इस पूरे कार्यक्रम में वार्ड के संघ कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम रही।