नाहन : सिरमौर जिले के पच्छाद उपमंडल के तहत आने वाले सराहन क्षेत्र की एक युवती साइबर ठगों के जाल में फंस गई। ठगों ने खुद को सीबीआई और पुलिस अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट जैसी शैली में डराया-धमकाया और युवती से कुल 5 लाख 64 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया। साइबर क्राइम पुलिस थाना सीआईडी शिमला से ऑनलाइन सीसीटीएनएस एप्लीकेशन के माध्यम से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर पुलिस थाना पच्छाद में मामला दर्ज कर लिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता भावना शर्मा (पुत्री देवेंद्र शर्मा, निवासी तहसील पच्छाद) ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक शॉपिंग पेज देखा था, जिसके जरिए उसने कुछ सामान मंगवाने का मन बनाया। इस संबंध में उसकी बातचीत उस पेज के संचालक से हुई, जिसने सामान भेजने का भरोसा दिलाया था।

सामान बुक करने के कुछ दिनों बाद भावना शर्मा के पास एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने दावा किया कि उनका सामान कस्टम विभाग द्वारा पकड़ लिया गया है और उसे छुड़ाने के लिए भारी जुर्माना भरना होगा। ठगों ने पैसे न देने पर तुरंत मुकदमा दर्ज करने और सीबीआई द्वारा गिरफ्तार करवाने की गंभीर धमकियां दीं।
ठगों ने डर का माहौल बनाने के लिए लगातार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से दिन-रात फोन कॉल किए। खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी साबित करने के लिए उन्होंने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल्स पर पुलिस और सीबीआई अधिकारियों की तस्वीरें भी लगा रखी थीं। इस मानसिक दबाव और डर के चलते ठगों ने युवती से कुल 5,64,000 रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और पच्छाद पुलिस थाना हरकत में आ गया है। पुलिस ने जीरो एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और उन तमाम मोबाइल नंबरों, बैंक खातों व सोशल मीडिया प्रोफाइल्स की तकनीकी जांच शुरू कर दी है जिनके जरिए इस ठगी को अंजाम दिया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा।
इस तरह की घटनाओं के लगातार बढ़ने के बाद पुलिस ने एक बार फिर आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कस्टम विभाग या सीबीआई कभी भी फोन पर जुर्माना वसूलने या ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव नहीं बनाती। यदि किसी को भी इस तरह के डराने वाले फोन कॉल आएं, तो घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर या नजदीकी पुलिस थाने में इसकी सूचना दें।