नाहन : जिला सिरमौर में बढ़ते तापमान के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गर्मी के मौसम में खाद्य सामग्रियों के जल्दी खराब होने और मिलावट की आशंका को देखते हुए फूड सेफ्टी विभाग ने पांवटा साहिब क्षेत्र में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम जनता को अस्वच्छ और मिलावटी भोजन से बचाना तथा उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रियंका कश्यप के नेतृत्व में विभागीय टीम ने पांवटा साहिब के व्यस्त इलाकों तारूवाला, शमशेरपुर और बद्रीपुर में विभिन्न खाद्य दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मिठाई की दुकानों, किराना स्टोर और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई के स्तर, खाद्य पदार्थों के रख-रखाव के तरीकों और निर्धारित गुणवत्ता मानकों की गहनता से जांच की।

निरीक्षण के दौरान विभाग ने संदेह के आधार पर विभिन्न खाद्य सामग्रियों के नमूने भी एकत्रित किए। प्रियंका कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि नियमित मासिक अभियान के तहत टीम ने कुल 4 से 5 लीगल सैंपल और 10 सर्विलांस सैंपल भरे हैं। इन सभी नमूनों को सील कर विस्तृत गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला (लैब) भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मानकों पर खरे न उतरने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फूड सेफ्टी ऑफिसर ने स्पष्ट किया कि विभाग का प्राथमिक लक्ष्य जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को रोकना है। उन्होंने विक्रेताओं को कड़े निर्देश दिए कि वे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और एक्सपायरी या खराब गुणवत्ता वाला सामान न बेचें। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा सके।