सोलन: प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों विशेषकर महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए निरन्तर प्रयासरत है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जहां नवीन योजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा है वहीं सभी स्तरों पर लक्षित वर्गों को समय पर लाभ प्रदान करने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि लक्षित वर्गों की परेशनियां कम करने की दिशा में आशातीत सफलता प्राप्त हो सके। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी।

ऐसी ही एक पहल है एकल नारी योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय। यह निर्णय मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत पात्र महिलाओं को सम्मान के साथ जीवन यापन करने की दिशा में यह मील का पत्थर सिद्ध होगा।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि एकल नारी योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत किया गया है। योजना के अन्तर्गत सही समय पर उचित पात्र को लाभान्वित करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा योजना की शर्तें निर्धारित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि योजना के अन्तर्गत प्रत्येक पात्र एकल नारी को आर्थिक सहायता के रूप में 2500 रुपये प्रति माह की सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो एकल नारी पहले से ही अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विशेष रूप से सक्षम निदेशालय से पेंशन प्राप्त कर रही हैं, को टाप-अप राशि प्रदान की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए एकल महिला की आयु 45 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। ऐसी महिलाएं जिनके पति पिछले सात वर्षों या उससे अधिक समय से लापता हैं, अविवाहित, परित्यक्त महिला तथा नारी सेवा सदन और शक्ति सदन में रह रही महिलाएं एकल नारी योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। नारी सेवा सदन और शक्ति सदन में रह रही महिलाओ पर योजना के तहत आयु सीमा की शर्त लागू नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए एकल नारी की पारिवारिक वार्षिक आय पांच लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में कार्यरत महिलाएं इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करना होगा। उन्हें आवेदन के साथ हिमाचली बोनाफाइड प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म तिथि प्रमाण पत्र, थाना प्रभारी द्वारा पति के सात वर्ष से लापता होने का प्रमाण पत्र, खण्ड विकास अधिकारी द्वारा पंचायत सचिव और प्रधान की रिपोर्ट पर जारी अविवाहित प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने कहा कि पात्र एकल नारी को निर्धारित प्रपत्र पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ) को ऑनलाइन अथवा ऑफ लाइन आवेदन करना होगा।
मनमोहन शर्मा ने कहा कि डीसीपीओ पांच दिनों के भीतर पात्र एकल नारियों की सूची तैयार कर जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को प्रस्तुत करेंगे। डीपीओ तीन दिनों के भीतर दस्तावेजों और पात्रता मानदंडों की जांच कर पात्र आवेदकों को मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता प्रमाण पत्र जारी करेंगे।
उन्होंने कहा कि आवेदन अस्वीकृत होने की स्थिति में उपायुक्त, सोलन अपीलीय प्राधिकारी होंगे। उपायुक्त को आवेदन अस्वीकृत होने की स्थिति में दो माह के भीतर शिकायत की जा सकती है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसी एकल नारियों को आर्थिक सहायता और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है जो कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही हैं।
उन्होंने सोलन जिला की सभी पात्र एकल नारियों से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के तहत इस योजना का लाभ उठाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। अधिक जानकारी के लिए जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय, सोलन से संपर्क किया जा सकता है।