मंडी: हिमाचल प्रदेश के आगामी 25 जनवरी को ऐतिहासिक परागपुर में आयोजित होने वाले पूर्ण राज्यत्व दिवस समारोह से पहले राज्य के कर्मचारियों ने सरकार से बड़ी उम्मीदें लगा ली हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ, जिला मंडी ने प्रदेश सरकार से पुरजोर मांग की है कि इस गौरवशाली अवसर पर कर्मचारियों को लंबित महंगाई भत्ते (DA) की किस्त जारी कर राहत प्रदान की जाए। बुधवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में महासंघ के जिला अध्यक्ष हेतराम शर्मा ने सरकार के समक्ष मांग रखी कि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कम से कम 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता तत्काल घोषित किया जाना चाहिए।

हेतराम शर्मा ने बढ़ती महंगाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसने कर्मचारियों के घरेलू बजट को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों का कोई अनुदान नहीं, बल्कि उनका वैधानिक अधिकार है, जिसे लंबे समय से लंबित रखना न्यायोचित नहीं है। महासंघ ने सरकार को सुझाव दिया है कि केवल एक किस्त जारी करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि शेष लंबित डीए को चरणबद्ध तरीके से देने के लिए एक निश्चित और पारदर्शी फॉर्मूला तैयार किया जाए। इससे सरकार पर अचानक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और कर्मचारी भी अपनी लंबित देनदारियों को सुचारू रूप से पूरा कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, महासंघ ने लंबित वेतन आयोग के एरियर को भी एकमुश्त जारी करने की वकालत की है। शर्मा ने तर्क दिया कि जब आगामी वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो पुराने वेतन आयोग के एरियर को और अधिक समय तक रोके रखना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि कर्मचारी प्रशासन और आम जनता के बीच सेतु का काम करते हैं, इसलिए उनकी जायज मांगों की अनदेखी राज्य हित में नहीं है। इस अवसर पर जिला महासचिव अशोक वालिया, कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत ठाकुर, सुशील शर्मा, जगदीश राणा, विजय कुमार, कुसुम शर्मा और पंकज कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार से 25 जनवरी को सकारात्मक घोषणा की उम्मीद जताई।