प्राकृतिक खेती में किन्नौर केवीके को मिला बेस्ट सेंटर का अवार्ड

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By Hills Post

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के लिए आज गर्व का पल है। विश्वविद्यालय के किन्नौर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) को प्रतिष्ठित बेस्ट केवीके अवार्ड से नवाजा गया है। यह सम्मान पंजाब के मोहाली में फार्म एंड फूड संस्था की ओर से आयोजित किसान सम्मान समारोह में दिया गया। इस कार्यक्रम में हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के कई कृषि वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और प्रगतिशील किसान मौजूद थे।

प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाया

केवीके किन्नौर को यह अवार्ड मिलने की सबसे बड़ी वजह जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। केवीके की टीम ने न केवल किसानों को रसायनों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया, बल्कि प्राकृतिक खेती के तरीकों को बड़े पैमाने पर अपनाने में उनकी मदद भी की। केंद्र के सह-निदेशक और प्रमुख डॉ. प्रमोद शर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी टीम की जमीनी मेहनत और किसानों के साथ सीधे संवाद को दिया है। उन्होंने कहा कि जब आप किसानों की जरूरतों को समझकर काम करते हैं, तो नतीजे अपने आप बेहतर आते हैं।

डॉ. बुधि राम और किसान आशीष नेगी का भी सम्मान

इस समारोह में सिर्फ संस्था ही नहीं, बल्कि वहां के लोगों की व्यक्तिगत मेहनत को भी सराहा गया। केवीके किन्नौर के कीट विज्ञानी डॉ. बुधि राम को ‘बेस्ट यंग रिसर्चर अवार्ड’ मिला है। उन्हें यह सम्मान ‘इको-हाइव तकनीक’ के जरिए देसी मधुमक्खियों को बचाने और उनके संरक्षण के लिए दिया गया।

वहीं, किन्नौर के प्रगतिशील किसान आशीष नेगी को ‘बेस्ट फार्मर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। आशीष ने केवीके के मार्गदर्शन में जैविक फलों के उत्पादन और उनकी मार्केटिंग में बेहतरीन काम किया है। उनका यह सम्मान बताता है कि सही दिशा मिले तो पहाड़ का किसान अपनी उपज का सही दाम और नाम दोनों कमा सकता है।

कुलपति ने दी बधाई

नौणी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह अवार्ड साबित करता है कि यूनिवर्सिटी की रिसर्च सिर्फ लैब तक सीमित नहीं है, बल्कि खेतों तक पहुंचकर किसानों की जिंदगी बदल रही है। विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. इंदर देव ने भी विजेताओं की पीठ थपथपाते हुए इसे भविष्य के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया।

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