फर्जीवाड़ा से प्राचार्या पद हथियाने वाली शिक्षिका जांच के घेरे में

सिरसा : शिक्षा विभाग, हरियाणा ने गलत अनुभवी प्रमाण पत्रों के सहारे प्राचार्य की नौकरी हासिल करने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बप्पां की प्राचार्या मनीषा को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस शिकायत मिलने पर जिलास्तर पर गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट पर जारी किया है। मिली जानकारी अनुसार मनीषा ने जहां-जहां से अनुभव प्रमाण पत्र लिया है वहां-वहां से इसका रिकार्ड गायब है। शिक्षा विभाग को मिली शिकायत अनुसार मनीषा ने उक्त पद प्राप्ति के लिए 1 जुलाई 1998 से लेकर 31 जुलाई 2000 तक वाईस प्रिंसिपल का कमला मांटेसरी स्कूल सिरसा तथा अगस्त 2000 से 2004 एवं मई 2005 से 9 अगस्त 2007 तक पी जी टी अर्थशास्त्र का प्रमाण पत्र महाराजा अग्रसैन स्कूल का अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया, जो कि जांच कमेटी ने गलत पाये जाने पर निदेशक शिक्षा निदेशालय को रिपोर्ट की।

कमला मान्टेसरी स्कूल ने मनीशा को, जिस समय का अनुभव प्रमाण पत्र दिया है, उस अवधि की उपस्थिति पंजिका, वेतन भुगतान रजिस्टर इत्यादि दस्तावेज विद्यालय के पास नहीं है और न ही उन अनुभव प्रमाण पत्रों पर, जिस प्राचार्य के हस्ताक्षर है, कोई रिकार्ड उपलब्ध है। जांच रिपोर्ट में 16 दिसम्बर 2009 को कमला मान्टेसरी स्कूल के प्राचार्य ने प्रमाणित किया है, कि वक्फ बोर्ड से झगड़ा होने के कारण अदालत ने विद्यालय को अगस्त 2006 में सील कर दिया था, जबकि एक अन्य ब्यान में बताया गया कि विद्यालय 15 नवंबर 2001 को बाजेकां मोड पर तबदील किया गया, जहां घर का सारा सामान था। जांच रिपोर्ट में यह भी दर्ज है, कि अगस्त 2006 में तहसीलदार द्वारा सीलिंग की कार्यवाही में कोई रिकार्ड सामान सूची में न था, जबकि विद्यालय के प्रबंधक मुताबिक सारा रिकार्ड दो महीने उपरांत न्यायालय से छुड़वा लिया था। इस प्रकार कमला मांटेसरी स्कूल में संदेह के घेरे में आ गया है। महाराजा अग्रसैन स्कूल के अनुभव प्रमाण पत्रों पर भी उंगली उठती है। जांच कमेटी के अनुसार मनीषा का पहला कार्यकाल रिकार्ड में उपलब्ध नहीं है।