नाहन : हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में मीडिया से बातचीत करते हुए सुक्खू सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और विकास कार्यों में भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले 40 महीनों के दौरान केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को विभिन्न योजनाओं और अनुदानों के माध्यम से रिकॉर्ड आर्थिक सहायता प्रदान की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस विशाल धनराशि का सही उपयोग करने के बजाय इसे अपने ‘निजी हितों’ और चहेतों को लाभ पहुँचाने के लिए इस्तेमाल किया। बिंदल के अनुसार, यही कारण है कि आज प्रदेश वित्तीय संकट और आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहा है।

नाहन मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर प्रदेश अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कॉलेज के भवन निर्माण, मातृ-शिशु अस्पताल (₹20 करोड़) और नर्सिंग कॉलेज के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके बावजूद, राज्य सरकार की उदासीनता के कारण पिछले तीन वर्षों से नाहन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य ठप पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों को तो धन जारी कर रही है, लेकिन नाहन के साथ जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है।
राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को लेकर सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक पर सवाल उठाते हुए बिंदल ने इसे ‘राजनीतिक ड्रामा’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं और झूठी गारंटियों को छिपाने के लिए जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि जब केंद्र से पर्याप्त टैक्स शेयर और अन्य फंड मिल रहे हैं, तो सरकार को विकास कार्यों के रुकने का दोष केंद्र पर नहीं मढ़ना चाहिए।
बिंदल ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार के समय जो विकास कार्य शुरू हुए थे, उन्हें वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पूरी तरह से रोक दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें और स्वास्थ्य संस्थान बंद किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि सरकार ने अपने मित्रों और सलाहकारों की ‘फौज’ खड़ी करने पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, जबकि आम जनता को दी जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं (जैसे हिमकेयर और सहारा योजना) में कटौती की जा रही है।