नाहन : हिमाचल प्रदेश के राजगढ़ क्षेत्र में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने इंसानियत और कर्तव्यनिष्ठा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। राजगढ़ से सोलन लौट रहे एंबुलेंस कर्मियों ने रास्ते में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला का सुरक्षित प्रसव करवाकर जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचाई।
मिली जानकारी के अनुसार, 108 एंबुलेंस के ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) शुभम तोमर और पायलट अरुण शर्मा एक मरीज को सोलन छोड़कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान, धरजा के पास एक निजी वाहन (मारुति 800) में सवार परिजनों ने एंबुलेंस को रुकवाकर मदद की गुहार लगाई। गाड़ी में मौजूद एक महिला को अत्यंत गंभीर प्रसव पीड़ा हो रही थी, जिससे घबराए परिजनों को समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए।

परिस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ईएमटी शुभम तोमर और पायलट अरुण शर्मा ने बिना एक पल गंवाए तुरंत मोर्चा संभाला। आपातकालीन चिकित्सा के अपने अनुभव और कौशल का परिचय देते हुए उन्होंने मौके पर ही सुरक्षित प्रसव कराया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई और सटीक सूझबूझ से महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के तुरंत बाद जच्चा और नवजात दोनों को बेहतर देखभाल के लिए सुरक्षित रूप से सोलन अस्पताल भेजा गया, जहां दोनों पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
यह घटना केवल एक आपातकालीन सेवा की सफलता नहीं है, बल्कि यह साबित करती है कि जब लोग अपनी ड्यूटी से ऊपर उठकर संवेदनशीलता दिखाते हैं, तो वे समाज के लिए किसी देवदूत से कम नहीं होते। शुभम तोमर और अरुण शर्मा के इस सराहनीय कार्य की हर ओर प्रशंसा हो रही है, जो यह विश्वास दिलाता है कि मुश्किल वक्त में मदद के हाथ आज भी पूरी शिद्दत के साथ आगे बढ़ते हैं।