नाहन: श्री रेणुका जी बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एचपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। समिति ने बताया कि पिछले 17 वर्षों से लगभग 300 प्रभावित परिवार न्यायोचित मुआवजा और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया है।
समिति के अनुसार, बांध निर्माण से विस्थापित कई परिवार पुनर्वास योजना के तहत अन्य स्थानों पर स्वयं मकान बनाना चाहते हैं। इसके लिए प्रति परिवार अधिकतम 28.5 लाख रुपये अनुदान देने की मांग की गई है। साथ ही पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बहुमंजिला मकानों की सभी मंजिलों के कुल आधार क्षेत्र को 150 वर्ग मीटर मानकर अनुदान देने की मांग उठाई गई।

इसके अतिरिक्त समिति ने वर्ष 2008 की दरों पर निर्धारित आरएंडआर (R&R) ग्रांट्स को वर्तमान दरों पर संशोधित करने, विस्थापित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता देने तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सिफारिशों को लागू करने की मांग भी रखी।
आज हुई संघर्ष समिति की बैठक में हाउसलेस व लैंडलेस सूचियों की बहाली, काश्तकारों के मुद्दे, लंबित मकान भुगतान, एमपीएफ कार्ड और भूमि मुआवजे जैसे मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बांध प्रबंधक खेम सिंह ठाकुर ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन समिति ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बांध परियोजना का कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर, महासचिव शुभम ठाकुर सहित बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे।