सोलन: जिला सोलन पुलिस द्वारा देवभूमि में नशा तस्करी के अवैध कारोबार में संलिप्त आदतन अपराधियोंके विरुद्ध चलाई जा रही मुहिम के तहत वाकनाघाट क्षेत्र के विश्वविद्यालयों के छात्रों को चिट्टा (हेरोइन) सप्लाई करने वाले एक शातिर और आदतन नशा तस्कर को प्रदेश सरकार के आदेश पर तीन महीने के लिए निवारक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, कंडाघाट पुलिस थाना के अंतर्गत आने वाले वाकनाघाट क्षेत्र का निवासी अनुज कुमार दुग्गल (41 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय श्री अरुण कुमार दुग्गल निवासी गाँव रावली, डाकखाना वाकनाघाट, तहसील कंडाघाट, जिला सोलन पिछले काफी समय से क्षेत्र में चिट्टा और हेरोइन की तस्करी में बेहद सक्रिय था।
वह मुख्य रूप से वाकनाघाट और आसपास के क्षेत्रों में स्थित प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे बाहरी राज्यों व स्थानीय छात्र-छात्राओं तथा क्षेत्र के अन्य सीधे-साधे युवकों को जाल में फंसाकर उन्हें चिट्टा बेचने का काला कारोबार कर रहा था। आरोपी के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज थे।
आरोपी की लगातार बढ़ती असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए जिला सोलन पुलिस ने उसके खिलाफ PIT NDPS Act, 1988 (Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs & Psychotropic Substances) के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत निवारक हिरासत में रखने हेतु एक विस्तृत प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजा था।
प्रदेश सरकार और सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुलिस के इस प्रस्ताव की गंभीरता को देखते हुए इसे तुरंत स्वीकार कर लिया गया। सरकार ने आरोपी अनुज कुमार दुग्गल को तीन माह की अवधि के लिए निवारक हिरासत में जिला कारागार में बंद रखने के कड़े आदेश पारित किए। इन आधिकारिक आदेशों की त्वरित अनुपालना करते हुए पुलिस थाना कंडाघाट की एक विशेष टीम ने मंगलवार को आरोपी अनुज कुमार दुग्गल को विधिवत हिरासत में ले लिया और आगामी तीन महीनों के लिए जिला कारागार सोलन भेज दिया है।
जिला सोलन पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त बड़े और आदतन अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए चलाया जा रहा यह अभियान रंग ला रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस विशेष अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 16 आदतन अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाते हुए उन्हें निवारक हिरासत के तहत जेल भेजा जा चुका है।
सोलन पुलिस प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि नशा तस्करी में संलिप्त आदतन तस्करों के विरुद्ध भविष्य में भी यह कार्रवाई इसी प्रकार निरंतर और आक्रामक रूप से जारी रहेगी। समाज को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी बेहद कठोर एवं प्रभावी कानूनी कदम उठाए जाते रहेंगे।