शिमला : हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार सुबह हुई भारी बर्फबारी ने न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त किया, बल्कि महत्वाकांक्षी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा ‘जेईई मेन’ (JEE Main) के अभ्यर्थियों की सालभर की मेहनत पर भी पानी फेर दिया। शिमला जिला के घणाहट्टी स्थित संस्कृति स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र तक पहुंचना छात्रों के लिए असंभव साबित हुआ। शिमला से मात्र 13 किलोमीटर दूर स्थित इस केंद्र के रास्ते में शोघी, टूटू और तारादेवी के पास भारी बर्फबारी के कारण भीषण जाम लग गया। सड़कों पर जमी बर्फ और अत्यधिक फिसलन के चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे सोलन, सिरमौर और शिमला के दूरदराज इलाकों से आए सैकड़ों अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके और परीक्षा से वंचित रह गए।
छात्रों और अभिभावकों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थी भव्य ने बताया कि वे सुबह समय से निकले थे, लेकिन तारादेवी और टूटू के पास गाड़ियां फंस गईं और आगे बढ़ना नामुमकिन हो गया। वहीं, अभिभावक रोहित वर्मा ने बताया कि सड़कों पर इतनी फिसलन थी कि गाड़ियां स्किड हो रही थीं और सार्वजनिक परिवहन भी पूरी तरह बंद था। कई छात्रों ने पैदल जाने की कोशिश की, लेकिन दूरी और ठंड के कारण वे असफल रहे। साल भर तैयारी करने वाले छात्रों में हताशा है कि मौसम की मार के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

इस प्राकृतिक व्यवधान के चलते अब अभ्यर्थियों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और प्रशासन से दोबारा परीक्षा आयोजित करने की जोरदार मांग की है। छात्रों ने पश्चिम बंगाल का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह वहां नेताजी जयंती और सरस्वती पूजा (23 जनवरी 2026) के कारण परीक्षा की तारीख बदली गई है, उसी तर्ज पर हिमाचल में बर्फबारी से प्रभावित छात्रों को भी दूसरा मौका दिया जाना चाहिए। छात्रों का तर्क है कि यह एक प्राकृतिक आपदा थी जिस पर उनका कोई जोर नहीं था, इसलिए उन्हें राहत मिलनी चाहिए।
इस विषय में जब NTA के कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया गया, तो वहां से एक सकारात्मक आश्वासन मिला है। अधिकारियों के अनुसार, यदि छात्र आधिकारिक तौर पर अपनी शिकायत और साक्ष्य दर्ज करते हैं, तो मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी। एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि यदि वास्तव में भारी संख्या में छात्र प्राकृतिक कारणों से परीक्षा नहीं दे पाए हैं, तो उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।