सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय ने अपने दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र (SCDOE) का पहला दीक्षांत समारोह आयोजित कर शिक्षा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। इस भव्य समारोह में पंजाब विश्वविद्यालय और बीबीएयू लखनऊ के पूर्व कुलपति डॉ. आर.सी. सोबती ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत सुबाथू के शांति निकेतन बाल गृह के बैंड की धुन के साथ एक गरिमामय शैक्षणिक जुलूस से हुई, जिसने माहौल में सांस्कृतिक जीवंतता भर दी।

समारोह के दौरान एससीडीओई के निदेशक प्रो. अमर राज सिंह सूरी ने केंद्र की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए बताया कि साल 2022 में शुरू हुए इस केंद्र ने महज तीन वर्षों में 11,000 से अधिक शिक्षार्थियों को जोड़ा है। इनमें आईएएस अधिकारी, कॉर्पोरेट अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय छात्र भी शामिल हैं। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि एससीडीओई ने टाइम्स हायर एजुकेशन ऑनलाइन लर्निंग रैंकिंग 2024 में सिल्वर रेटिंग हासिल कर दुनिया के शीर्ष 25 ऑनलाइन शिक्षण संस्थानों में अपनी जगह बनाई है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने छात्रों को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और स्टीव जॉब्स के जीवन के उदाहरण देते हुए बड़े सपने देखने और जोखिम उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, कुलाधिपति प्रो. पी.के. खोसला ने युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए तन, मन और आत्मा के संतुलन पर जोर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. सोबती ने शूलिनी की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत विकास लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।
समारोह के अंत में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। एमबीए में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सुषमा देवी को स्वर्ण पदक से नवाजा गया, जबकि एमए अंग्रेजी साहित्य के लिए आर्यन शर्मा को सम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर प्रो. आशीष खोसला ने सभी का धन्यवाद करते हुए स्नातकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।