नाहन : डॉ. वाई. एस. परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नाहन की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाइयों द्वारा आज 52 वरिष्ठ स्वयंसेवकों के सम्मान में एक भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों की समाज सेवा एवं योगदान को याद करते हुए उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला एनएसएस समन्वयक (DNO) डॉ. पंकज चांडक तथा भावना राठी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में मुख्य अतिथियों ने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य केवल सेवा गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों द्वारा समाज सेवा में दिए गए योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम में 52 वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने अपने एनएसएस कार्यकाल के दौरान विभिन्न सामाजिक, पर्यावरणीय और जागरूकता गतिविधियों में भाग लेते हुए कुल 12,480 घंटे का स्वयंसेवी कार्य (Volunteerism) किया, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के एनएसएस संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला ने सभी स्वयंसेवकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं तथा उनके सम्मान में मिठाई भी भिजवाई। उन्होंने संदेश के माध्यम से कहा कि एनएसएस स्वयंसेवकों की सेवा भावना महाविद्यालय की पहचान है और उन्हें विश्वास है कि ये छात्र-छात्राएँ भविष्य में भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।
मिस फेयरवेल का खिताब साक्षी तथा मिस्टर फेयरवेल का खिताब सरवजीत को प्रदान किया गया। इसी प्रकार मिस ब्यूटीफुल का खिताब सरोजनी तथा मिस्टर हैंडसम का खिताब अभिषेक को दिया गया। मिस पर्सनैलिटी का खिताब तनुजा और मिस्टर पर्सनैलिटी का खिताब अभिषेक को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन निशांत और पूजा ने आकर्षक एवं प्रभावशाली ढंग से किया, जिससे पूरे समारोह में उत्साह का माहौल बना रहा। विदाई समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और यादगार क्षणों के माध्यम से वरिष्ठ स्वयंसेवकों के साथ बिताए गए अनुभवों को साझा किया गया।
अंत में सभी स्वयंसेवकों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी गईं और आशा व्यक्त की गई कि वे आगे भी समाज सेवा की भावना को बनाए रखेंगे।