सराहां में बवाल: सरकारी बस रूट बचाने की जंग, 6 पंचायतों के 12 हजार ग्रामीणों ने भरी हुंकार

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By पंकज जयसवाल

नाहन : सराहां से नाड़ब –खोजर रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की सरकारी बस सेवा को बंद कर इसे निजी ऑपरेटर्स को देने की चर्चाओं ने क्षेत्र में बवाल खड़ा कर दिया है। परिवहन विभाग के इस कथित फैसले के विरोध में क्षेत्र की 6 पंचायतों के ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक औपचारिक ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि यदि यह जनविरोधी निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का तर्क है कि यह बस सेवा पिछले दो दशकों से अधिक समय से इस दुर्गम क्षेत्र की जीवनरेखा बनी हुई है। पहले यह बस केवल सराहां तक चलती थी, लेकिन स्थानीय मांग पर इसका विस्तार नाइढ़–खोडर तक किया गया था। आज इस रूट से करीब 12 हजार की आबादी सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यह एकमात्र सरकारी बस है, जिससे स्कूल, कॉलेज और ITI जाने वाले छात्र-छात्राएं अपने बस पास का लाभ उठाते हैं और सराहां अस्पताल आने वाले मरीजों और बुजुर्गों को सस्ती परिवहन सुविधा मिलती है। इस बस के बंद होने से महिलाओं और दिव्यांगों को मिलने वाली सरकारी छूट निजी बसों में खत्म हो जाएगी।

क्षेत्रवासियों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निजी बस संचालकों को फायदा पहुँचाने के लिए जानबूझकर इस रूट को ‘घाटे’ में दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह रूट पूरी तरह से लाभप्रद है और इस पर सवारियों की कोई कमी नहीं रहती।

संबंधित सभी पंचायतों ने इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस बस सेवा को HRTC के पास ही रहने दिया जाए और निजी संचालकों को परमिट देने की योजना को तुरंत रद्द किया जाए।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।