नाहन : सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव ढाड़स में आज एक गमगीन और गौरवपूर्ण माहौल देखने को मिला, जब कारगिल युद्ध के नायक और NSG कमांडो हवलदार दीप राम (1977–2026) को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके आकस्मिक निधन की खबर से पूरा क्षेत्र गहरे शोक में है। शनिवार को स्वर्गधाम आश्रम तक निकाली गई उनकी अंतिम यात्रा में “भारत माता की जय” और “दीप राम फौजी अमर रहे” के नारों के बीच हजारों नम आँखों ने अपने वीर सपूत को विदा किया।
हवलदार दीप राम का सैन्य सफर साल 1997 में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 10वीं डोगरा रेजिमेंट से शुरू हुआ था। वर्दी पहनने के कुछ ही समय बाद उन्हें कारगिल युद्ध के कठिन मोर्चे पर तैनात किया गया, जहाँ उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया। लगभग 24 वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद, वह वर्ष 2021 में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह क्षेत्र के युवाओं के लिए देशभक्ति की प्रेरणा बने रहे।

यह दुखद हादसा तब हुआ जब 2 अप्रैल को वह निजी काम से बाजार जा रहे थे। रास्ते में उन्हें अचानक तीव्र हृदयाघात (हार्ट अटैक) हुआ। उन्हें आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज नाहन पहुँचाया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन से न केवल भारतीय सेना ने एक जांबाज सिपाही खोया है, बल्कि समाज ने एक सच्चा देशभक्त और युवाओं का मार्गदर्शक खो दिया है।
4 अप्रैल को उनके पैतृक गांव ढाड़स में 10वीं डोगरा रेजिमेंट के जवानों और पूर्व सैनिकों की उपस्थिति में उन्हें अंतिम सलामी दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया जब उनके 8 वर्षीय मासूम पुत्र उद्दीश और 31 वर्षीय भतीजे तपेंद्र सिंह ने मिलकर मुखाग्नि दी। इस अवसर पर हॉनरेरी कैप्टन नारायण फौजी और भगत राम फौजी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने इस नायक को श्रद्धांजलि देने पहुँचे। स्वर्गीय दीप राम अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिन्हें पूरा क्षेत्र इस दुख की घड़ी में संबल दे रहा है।