नाहन : हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ’अपना विद्यालय (द हिमाचल स्कूल एडॉप्शन प्रोग्राम)’ योजना के तहत जिला सिरमौर में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय और प्रभावी पहल की गई है। इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को केवल शिक्षा के केंद्र तक सीमित न रखते हुए, उन्हें बच्चों के चरित्र निर्माण, नैतिक विकास और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनाना है।
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अब जिला सिरमौर के विभिन्न विभागों के प्रशासनिक एवं राजपत्रित अधिकारी हर माह नियमित रूप से सरकारी स्कूलों का दौरा करेंगे। इस योजना के अंतर्गत जिले के कुल 251 सरकारी स्कूलों को 181 प्रशासनिक अधिकारियों के मार्गदर्शन से जोड़ा गया है, जिनमें 159 राजकीय प्राथमिक विद्यालय, 23 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 19 राजकीय उच्च विद्यालय तथा 50 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं।

योजना के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा स्कूलों को गोद लिया गया है, जहां वे प्रत्येक माह निर्धारित विद्यालय में जाकर छात्रों से सीधा संवाद कर रहे हैं। अधिकारी विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन, समाज के प्रति जिम्मेदारी, नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसके साथ ही अधिकारी अपने जीवन अनुभव और सेवाकाल के अनुभव साझा कर बच्चों को लक्ष्य निर्धारण और सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
’अपना विद्यालय’ योजना में नशा मुक्ति अभियान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम सरल भाषा में समझाए जा रहे हैं, ताकि वे किसी भी प्रकार की गलत आदतों से दूर रह सकें। साथ ही छात्रों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और सामान्य सामाजिक जागरूकता के महत्व की जानकारी भी दी जा रही है।
स्कूल भ्रमण के दौरान अधिकारी विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं, छात्रों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और शैक्षणिक वातावरण का भी निरीक्षण कर रहे हैं। यदि किसी विद्यालय में कोई कमी या आवश्यकता पाई जाती है, तो उसके सुधार के लिए सुझाव दिए जा रहे हैं। इन सुझावों और टिप्पणियों को विद्यालय की विजिटर बुक में दर्ज किया जा रहा है, ताकि शिक्षा विभाग समय रहते आवश्यक कदम उठा सके।
इस योजना के तहत स्कूलों में किसी भी प्रकार के औपचारिक स्वागत या कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो और पूरा ध्यान छात्रों की शिक्षा व हितों पर केंद्रित रह सके। प्रत्येक दौरे के बाद अधिकारी अपनी संक्षिप्त रिपोर्ट संबंधित शिक्षा अधिकारियों को प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे योजना की निरंतर निगरानी और पारदर्शिता बनी रहे।
जिले के प्रशासनिक, जिला स्तरीय और मंडल स्तरीय अधिकारियों को इस योजना में शामिल किए जाने से शिक्षा विभाग और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है और स्कूलों को प्रशासनिक सहयोग भी मिल रहा है।
राज्य सरकार को विश्वास है कि ’अपना विद्यालय (द हिमाचल स्कूल एडॉप्शन प्रोग्राम)’ के माध्यम से जिला सिरमौर की शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। इससे बच्चों को सही मार्गदर्शन, सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों की शिक्षा मिलेगी, जिससे वे भविष्य में समाज के जिम्मेदार, जागरूक और सशक्त नागरिक बन सकेंगे। यह योजना निश्चित रूप से जिले के शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।