सिरमौर में खाकी ने पेश की इंसानियत की मिसाल: लापता युवक को परिवार से मिलाया

नाहन : जिला सिरमौर के थाना पुरवाला की पुलिस टीम ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से एक बिछड़े हुए युवक को उसके परिवार से मिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। पिछले 15 दिनों से लापता और मानसिक रूप से अस्वस्थ एक युवक को सुरक्षित उसकी बहन के सुपुर्द कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, राजबन क्षेत्र के भजौण गांव के स्थानीय लोगों ने सूचना दी कि गांव में पिछले एक-दो दिन से एक अनजान व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। सूचना मिलते ही राजबन चौकी की टीम मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले आई। प्रारंभिक पूछताछ में युवक काफी डरा हुआ था और अपना नाम-पता बताने में पूरी तरह असमर्थ लग रहा था।

पुलिस टीम ने युवक को डराने के बजाय उससे बेहद धैर्यपूर्वक और प्यार से बात करना शुरू किया। धीरे-धीरे युवक ने अपना परिचय गोस्वामी (पुत्र मिठन लाल), निवासी हाथरस (उत्तर प्रदेश) के रूप में दिया। पुलिस ने जब उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क साधा, तो पता चला कि युवक का मानसिक इलाज चल रहा था और वह अपनी बहन के पास हरियाणा में रह रहा था, जहाँ से वह अचानक लापता हो गया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से पुरवाला पुलिस ने हरियाणा में रह रही युवक की बहन रानी (निवासी मनीमाजरा, हरियाणा) का नंबर हासिल किया। पुलिस के बुलावे पर रानी तुरंत सिरमौर पहुंची और अपने भाई को पहचान लिया। भाई को सुरक्षित पाकर बहन की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। पता चला है कि युवक के माता-पिता का देहांत हो चुका है और उसका एक छोटा भाई घर पर ही मेहनत-मजदूरी करता है।

इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन और युवक को परिवार से मिलाने में थाना पुरवाला के मुख्य आरक्षी अनिल, मुख्य आरक्षी धर्मेंद्र और आरक्षी राकेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की इस कार्यप्रणाली की स्थानीय जनता और युवक के परिजनों ने तहे दिल से सराहना की है।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।