नाहन : पांवटा साहिब के किशनपुरा में हुए भजन लाल हत्याकांड में न्यायपालिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय के न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने वीरेंदर उर्फ गल्लू को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने सजा के साथ-साथ दोषी पर 15 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। यदि दोषी इस जुर्माने की राशि को जमा करने में विफल रहता है, तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, मार्च 2024 में वीरेंदर ने भजन लाल पर बेहद क्रूरता से हमला किया था, जिसमें उनके सिर और चेहरे पर जानलेवा चोटें आई थीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण भजन लाल की जान चली गई थी। इस घटना के बाद, 24 मार्च 2024 को दुग्गल सिंह की शिकायत पर पांवटा साहिब पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया था।

सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी जतिंदर शर्मा ने दलीलें पेश कीं। अभियोजन पक्ष ने अपने केस को मजबूत करने के लिए अदालत के समक्ष कुल 19 गवाहों को पेश किया। इन गवाहों के बयानों और उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों को देखते हुए अदालत ने वीरेंदर उर्फ गल्लू को दोषी ठहराया। दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने समाज में कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से यह फैसला सुनाया।