नाहन : हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन में हाल ही में हुए विस्तार के बाद असंतोष के स्वर मुखर होने लगे हैं। सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता और पूर्व जोन अध्यक्ष प्रदीप चौहान (ठुंडू) ने संगठन में क्षेत्र की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि गिरिपार के कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान न मिलने के विरोध में वह 23 अप्रैल को शिमला में 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।
प्रदीप चौहान ने आज अपने आराध्य देव शिरगुल महाराज की पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लेकर शिमला के लिए प्रस्थान किया। उन्होंने कहा कि वह यह कदम भारी मन से उठा रहे हैं, क्योंकि संगठन के प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणी में गिरिपार क्षेत्र के मेहनती कार्यकर्ताओं को वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।

चौहान ने अपनी अटूट निष्ठा का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मन्नत मांगी थी कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री बनते हैं, तो वह 251 महिलाओं को माता रेणुका के दर्शन कराएंगे। मन्नत पूरी होने पर उन्होंने माता के आशीर्वाद से यह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न भी किया था।
प्रदीप चौहान ने संगठन के ढांचे पर सवाल उठाते हुए जोर दिया कि प्रदेश, जिला और ब्लॉक, हर स्तर पर गिरिपार क्षेत्र के सक्रिय कार्यकर्ताओं को अहम जिम्मेदारियां दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के हक की लड़ाई है। चौहान के अनुसार, संगठन में गिरिपार को सही प्रतिनिधित्व मिलने से न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हाथ भी और अधिक मजबूत होंगे।
अब देखना यह होगा कि शिमला में होने वाले इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस हाईकमान और प्रदेश नेतृत्व गिरिपार क्षेत्र की इस नाराजगी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।