सोलन: राजकीय महाविद्यालय सोलन के वाणिज्य विभाग द्वारा छात्रों में रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष पाठ्यक्रम ‘उद्यमशील मानसिकता एवं व्यवसायिक विचार विकास’ शुरू किया गया है।
इस पाठ्यक्रम के पहले चरण में, छात्रों ने अपने व्यावसायिक विचारों पर आधारित प्रोटोटाइप तैयार किए। इन प्रोटोटाइप का मूल्यांकन करने के लिए विशेषज्ञ डॉ. योगेश कुमार को आमंत्रित किया गया। डॉ. कुमार ने छात्रों के प्रोटोटाइप का गहनता से मूल्यांकन किया और उन्हें महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कुल छह प्रोटोटाइप प्रोफेसर वंदना गुप्ता के मार्गदर्शन में तैयार किए गए थे।

नवाचारी विचारों की सराहना
मूल्यांकन के दौरान, डॉ. योगेश कुमार ने छात्रों की अभिनव सोच और रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए अपने प्रोटोटाइप पर और अधिक काम करने का आग्रह किया। डॉ. कुमार ने विशेष रूप से यह सुझाव दिया कि छात्र अपने विचारों की आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय व्यवहार्यता पर ध्यान दें, ताकि ये परियोजनाएं व्यावहारिक रूप ले सकें।
अंतिम चरण में प्राचार्या के सामने होंगे प्रोटोटाइप
डॉ. योगेश कुमार से मिले सुझावों के आधार पर छात्र अब अपने प्रोटोटाइप को और बेहतर बनाएंगे। इस पाठ्यक्रम के अंतिम चरण में, वे अपने परिष्कृत प्रोटोटाइप महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
वाणिज्य विभाग की यह पहल महाविद्यालय की नवाचार, उद्यमशीलता और कौशल-आधारित शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह प्रयास छात्रों को भविष्य के व्यावसायिक और उद्यमशीलता जगत में सफल होने के लिए तैयार कर रहा है।