सोलन : जिला सोलन के नालागढ़ क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण एवं दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (POCSO) ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) सोलन की न्यायाधीश कनिका चावला ने आरोपी हरविंदर कुमार, पुत्र स्वर्गीय प्रेम लाल, निवासी कसौली (जिला सोलन) को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने आरोपी को POCSO अधिनियम के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 20,000 रुपये जुर्माना तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 363 (अपहरण) के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार वर्ष 2021 में पीड़िता नाबालिग थी और अपने परिजनों के साथ नालागढ़ में रहती थी। 31 दिसंबर 2021 को आरोपी ने उसे उसके अभिभावकों की अनुमति के बिना बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद आरोपी उसे अपने किराये के कमरे में ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर मामला महिला थाना बद्दी में दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान साक्ष्य एकत्रित कर आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 16 गवाहों को अदालत में पेश किया, जिनके बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप सिद्ध हुए। अदालत ने सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों का गंभीरता से परीक्षण करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
इस मामले में लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने बताया कि अदालत के इस फैसले से पीड़िता को न्याय मिला है और समाज में इस प्रकार के जघन्य अपराधों के प्रति सख्त संदेश गया है।