सोलन: जिला सोलन पुलिस ने नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अब आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस ने उन कुख्यात तस्करों पर नकेल कसने के लिए निवारक हिरासत की कार्रवाई तेज कर दी है, जो बार-बार मुकदमे दर्ज होने के बावजूद जमानत पर बाहर आकर फिर से नशा तस्करी में लिप्त हो जाते हैं। इस अभियान के तहत पुलिस पीआईटी एनडीपीएस एक्ट, 1988 (PIT NDPS Act) के कड़े प्रावधानों का उपयोग कर रही है, ताकि ऐसे अपराधियों को समाज में जहर घोलने से रोका जा सके। अब तक पुलिस ने इस अधिनियम की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई करते हुए जिले के 10 कुख्यात आदतन अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कंडाघाट तहसील के गांव सिरीनगर निवासी 36 वर्षीय कुख्यात अपराधी अंकुश ठाकुर के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। अंकुश को 7 दिसंबर, 2025 को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत हिरासत में लेकर तीन महीने के लिए जेल भेजा गया था। हाल ही में एडवाइजरी बोर्ड ने मामले की समीक्षा करते हुए नशा तस्करी की गंभीरता को देखते हुए कठोर निर्णय लिया है। बोर्ड ने अंकुश ठाकुर की निवारक हिरासत की अवधि में तीन महीने की और वृद्धि कर दी है, जिसके चलते अब उसे जेल में ही रहना होगा। यह निर्णय तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून के शिकंजे से बचना अब आसान नहीं होगा।
जिला पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बार-बार अपराध करने वाले तत्वों को कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने से रोकना है। अक्सर देखा गया है कि तस्कर जमानत का लाभ उठाकर दोबारा सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत उन्हें यह मौका नहीं मिल पाता। सोलन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी आदतन नशा तस्करों के खिलाफ निवारक हिरासत की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी, ताकि देवभूमि को नशामुक्त बनाया जा सके।