सोलन: भारतीय मजदूर संघ (BMS) से संबंधित जल शक्ति कर्मचारी महासंघ, सोलन मंडल की एक अहम बैठक रविवार को सोलन में संपन्न हुई। प्रधान सुरजीत राणा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में लगभग 80 कर्मचारियों ने भाग लिया और विभाग व ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष व्यक्त किया। बैठक का मुख्य मुद्दा गिरी पेयजल योजना के तहत कार्यरत कर्मचारियों का लंबित वेतन रहा। संघ ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों का बकाया वेतन जल्द जारी नहीं किया गया, तो वे सख्त कार्रवाई और उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए संघ ने बताया कि गिरी पेयजल योजना में ठेकेदार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को पिछले 8 महीने से और फिल्टर बेड पर तैनात कर्मियों को 11 महीने से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। संघ ने मांग की है कि इस योजना को, जो शुरू से ही आउटसोर्स पर चल रही है, अब कर्मचारियों सहित विभाग अपने अधीन ले। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक पूरी योजना का जिम्मा टुकड़ों के बजाय एक ही एजेंसी को सौंपा जाए ताकि वेतन विसंगतियां दूर हो सकें।
इसके अतिरिक्त, संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थाई नीति बनाने की वकालत की है और नीति बनने तक उनका न्यूनतम मासिक वेतन 25,000 रुपये करने की मांग की। बैठक में कर्मचारियों का 15% लंबित महंगाई भत्ता (DA) तुरंत जारी करने और वर्ष 2016 से जनवरी 2021 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान के आधार पर ग्रेच्युटी, लीव इनकेशमेंट और कम्यूटेशन का एरियर एकमुश्त देने का प्रस्ताव भी पास किया गया। इस मौके पर उप प्रधान इंद्र सिंह ठाकुर, महासचिव नीता राम, कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।