सोलन में महिलाओं को मिला स्वरोज़गार का नया ज़रिया, शुरू हुई टमाटर प्यूरी बनाने की यूनिट

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By Hills Post

सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िला में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक अहम पहल की गई है। राज्य के स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने ज़िला के ढेडघराट और सलोगड़ा में नई टोमेटो प्यूरी इकाइयों का उद्घाटन किया। इन इकाइयों के शुरू होने से सीधे तौर पर स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों को फायदा मिलेगा।

उद्घाटन के मौके पर डॉ. शांडिल ने कहा कि ये इकाइयां आने वाले समय में आजीविका का एक बड़ा और स्थाई केंद्र बनेंगी। इससे महिलाओं को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके की आर्थिक स्थिति मज़बूत होगी। इन प्लांट में टमाटर से प्यूरी, कैचअप और जैम जैसे कई खाद्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह है कि टमाटर जैसी नकदी फसलों का किसानों को सही दाम मिले और ग्रामीण इलाकों में कृषि पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले। मंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और इसी कड़ी में हाल ही में दूध के समर्थन मूल्य में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है।

ये दोनों इकाइयां राष्ट्रीय और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ-साथ महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के तहत स्थापित की गई हैं। ढेडघराट में बनाए गए केंद्र से ग्राम पंचायत मही, क्वारग और बीशा के 33 स्वयं सहायता समूहों की 255 महिलाएं सीधे तौर पर जुड़ी हैं। वहीं सलोगड़ा के केंद्र से आसपास की कई पंचायतों के 200 समूहों की करीब 1850 महिलाएं जुड़ी हैं। इन दोनों ही केंद्रों में 39 लाख 25 हज़ार रुपये की लागत से 13-13 आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं।

इन मशीनों के ज़रिए उपज की सफाई, कटाई, पिसाई से लेकर पकाने और पैकिंग तक का सारा काम बेहद आसानी से किया जा सकेगा। स्थानीय उपज के हिसाब से यहां तैयार होने वाले उत्पादों की आधुनिक तरीके से पैकेजिंग और ब्रांडिंग भी की जाएगी ताकि बाज़ार में महिलाओं को उनके काम की बेहतरीन कीमत मिल सके। इस खास मौके पर स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।

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