सोलन: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सोलन द्वारा पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘एल.आर. इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज’ में एक दिवसीय साइबर जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य भविष्य के कानूनविदों और आम जनता को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों तथा तेजी से बढ़ते डिजिटल अपराधों के प्रति सचेत करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव (DLSA) श्रीमती आकांक्षा डोगरा ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने डिजिटल युग की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में कानूनी साक्षरता और साइबर जागरूकता अनिवार्य हो गई है। उन्होंने जोर दिया कि यदि नागरिक अपने कानूनों और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक होंगे, तभी वे वित्तीय धोखाधड़ी और मानसिक शोषण से खुद को बचा सकेंगे।
पुलिस विभाग की ओर से हेड कांस्टेबल नीलम, कांस्टेबल शशांक और पुलिस अधिकारी दिलीप कुमार ने छात्रों के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से प्रमुख विषयों पर जानकारी दी। इसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी फिशिंग (Phishing) और फर्जी लिंक्स से बचाव के तरीके। सोशल मीडिया सुरक्षा, पहचान की चोरी (Identity Theft) और निजी जानकारी साझा करने के जोखिम। कानूनी प्रावधान, साइबर अपराध होने पर तुरंत रिपोर्ट करने की प्रक्रिया और संबंधित धाराओं की जानकारी दी गई।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव ने छात्रों को अवगत करवाया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के हर वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पात्र व्यक्ति किसी भी कानूनी समस्या के लिए DLSA के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
एल.आर. संस्थान के छात्रों और शिक्षकों ने इस सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रियंका ने मुख्य अतिथि, पुलिस अधिकारियों और सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल छात्रों को एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।