नाहन : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए उद्योग विभाग द्वारा नाहन में एक दिवसीय ‘रैंप’ (Raising and Accelerating MSME Performance) जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और भविष्य की चुनौतियों के लिए ‘उद्योग 4.0’ (Industry 4.0) को अपनाने पर चर्चा की।
सत्र की अध्यक्षता डीआईसी (DIC) काला अंब के सदस्य सचिव गुरुप्यारा राम और अर्थव्यवस्था अन्वेषक मनीष माजटा ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला सिरमौर के सूक्ष्म और लघु उद्योगों को उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे डिजिटल तकनीक को अपनाकर स्थानीय इकाइयाँ अपनी लागत कम कर सकती हैं और गुणवत्ता में सुधार कर सकती हैं।

कार्यक्रम के दौरान CEL के विषय विशेषज्ञ इलियाराजा सावरी मारियादास ने एक विस्तृत तकनीकी सत्र लिया। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), मशीन लर्निंग (ML) और क्लाउड कंप्यूटिंग अब केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने समझाया कि स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और ERP/CRM सिस्टम के माध्यम से MSMEs अपने कामकाज को आधुनिक बनाकर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं।
इस कार्यशाला में प्रिंटिंग, पैकेजिंग, फार्मा, स्टील, ग्लास और डेयरी उत्पाद जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 19 MSMEs के प्रतिनिधियों सहित कुल 41 लोगों ने भाग लिया। सत्र में बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी।
भारत सरकार के MSME मंत्रालय द्वारा समर्थित ‘रैंप’ (RAMP) पहल के तहत उद्यमियों को https://team.msmemart.com/ पोर्टल पर पंजीकरण के लिए भी प्रोत्साहित किया गया, ताकि वे ओपन मार्केट एक्सेस का लाभ उठा सकें।
समापन अवसर पर गुरुप्यारा राम ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य के लिए तैयार रहने हेतु ‘स्मार्ट टेक्नोलॉजी’ अपनाना अब विकल्प नहीं बल्कि जरूरत है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और सतत विकास (Sustainable Growth) की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में एक संवाद सत्र (Q&A) भी आयोजित किया गया, जहाँ उद्यमियों की समस्याओं और तकनीकी जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।