शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में एक अत्याधुनिक कैंसर केयर सेंटर स्थापित करने को मंजूरी प्रदान की है, जिसमें 11 नए विभाग खोले जाएंगे और आवश्यक पदों को भरा जाएगा। इसके अलावा, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कांगड़ा जिले के धर्मशाला के समीप नड्डी में एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन परियोजना (4.3 किलोमीटर) के निर्माण को स्वीकृति दी गई, जिसकी अनुमानित लागत 7.41 करोड़ रुपये होगी। साथ ही, शिमला में एक नए आइस स्केटिंग रिंक के निर्माण और एलायंस एयर को दिल्ली-शिमला-दिल्ली व शिमला-धर्मशाला मार्गों पर पूरे सप्ताह 46 सीटर विमान संचालित करने की भी अनुमति दी गई है।

सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर सरकार ने एक संवेदनशील निर्णय लेते हुए पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की बिक्री (Point of First Sale) पर ‘ओरफन एण्ड विडो सेस’ (Orphan and Widow Cess) लगाने के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे अर्जित राजस्व का उपयोग अनाथों और विधवाओं के कल्याणकारी योजनाओं को सुदृढ़ करने में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के समयबद्ध वितरण के लिए नियमों में संशोधन किया है और शिमला के ढली स्थित दिव्यांग बच्चों के संस्थान को सरकारी नियंत्रण में लेने का फैसला किया है। ऊर्जा क्षेत्र में, राज्य ने राष्ट्रीय भू-तापीय ऊर्जा नीति को अपनाने और 25 मेगावाट तक की चार जल विद्युत परियोजनाओं को आवंटित करने का निर्णय लिया है।
रोजगार और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीति में संशोधन करते हुए अब 66.66% कोटा इन-सर्विस डॉक्टरों और 33.33% डायरेक्ट अभ्यर्थियों के लिए तय किया गया है। सहायक स्टाफ नर्स भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 18 से 45 वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा, राज्य कर एवं आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त के 11 पद, राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ में 11 पद, और तहसीलदारों के 6 पद भरने को मंजूरी दी गई है। लंबित मामलों के निपटारे के लिए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों की सेवाएं लेने का भी निर्णय हुआ है। औद्योगिक निवेश नीति को 2026 तक बढ़ा दिया गया है और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कांगड़ा, मंडी, शिमला और बद्दी में चार नई प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।