हरिपुरधार: शिमला जिला की सुदूर कुपवी तहसील के गांव कांडा-बनाह से सोलन जा रही HRTC की बस के यात्रियों ने बुधवार को हरिपुरधार में बीच रास्ते उतारे जाने पर परिवहन निगम के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की। यात्रियों का आरोप है कि निगम की बसें अपने निर्धारित रूट को पूरा करने के बजाय उन्हें आधे रास्ते में ही उतार रही हैं, जिससे उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे का हवाला देते हुए कहा कि सरकारी बसों की लचर व्यवस्था के कारण उन्हें मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ता है, जो पहले से ही खचाखच भरी होती हैं।

प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अभी 9 जनवरी को ही क्षमता से दोगुना सवारियां ले जा रही एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें 14 अनमोल जानें गई। इस घटना के बाद शोक जताने पहुंचे उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, जिनके पास परिवहन विभाग का भी प्रभार है, से लोगों ने एचआरटीसी की व्यवस्था सुधारने की अपील की थी। इसके बावजूद, निगम की कई बसें या तो बंद पड़ी हैं या अपने तय गंतव्य तक नहीं जा रही हैं, जिससे निजी बसों में ओवरलोडिंग का जोखिम और बढ़ गया है। यात्रियों का कहना है कि निगम का यह रवैया उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के क्षेत्रीय प्रबंधक, सोलन, एस.आर. राजपूत ने तर्क दिया कि डिपो की कुछ बसें यांत्रिक खराबी के कारण खराब चल रही हैं। उन्होंने कहा कि बसों के खराब होने की स्थिति में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरी बसों में स्थानांतरित करने की ‘एडजस्टमेंट’ की जा रही है। हालांकि, यात्री इस तर्क से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने परिवहन व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है।