हरिपुरधार हादसा: प्रशासन ने जारी की 13 मृतकों की सूची, एक की पहचान अभी बाकी

Photo of author

By पंकज जयसवाल

नाहन : संगड़ाह उपमंडल के हरिपुरधार के समीप शुक्रवार को हुई दर्दनाक निजी बस दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों की पहचान कर ली गई है। इस हृदयविदारक हादसे में 9 वर्षीय बच्ची समेत कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई यात्री गंभीर का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।

मृतकों की आधिकारिक सूची: हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

हिमांशी (9 वर्ष): पुत्री आशीष, निवासी चंजाह, कुपवी (शिमला)।

रियांशी (9 वर्ष): पुत्री दिलावर सिंह, निवासी बोरा, कुपवी (शिमला)।

कियान: पुत्र विलम सिंह, निवासी नोहरा बोरा, कुपवी (शिमला)।

विलम सिंह: पुत्र चाजू राम, निवासी जुडू शिलन, कुपवी (शिमला)।

हीमा: पत्नी जलम सिंह, निवासी धौलट, कुपवी (शिमला)।

सूरत सिंह: पुत्र सांगडू, निवासी कांडा बाना, कुपवी (शिमला)।

रमेश: पुत्र दई सिंह, निवासी बोरा, कुपवी (शिमला)।

प्रमिला देवी: पुत्री कृपा राम, निवासी चंजा, कुपवी (शिमला)।

सुमन: पुत्री रण सिंह, निवासी डोंची कोठियाना, कुपवी (शिमला)।

सनम: पुत्री संत राम, निवासी पाब, रोनहाट (सिरमौर)।

प्रियंका: पुत्री धर्म सिंह, निवासी पंजाह, हरिपुरधार (सिरमौर)।

बलवीर सिंह: निवासी बाचेर का बाग, ददाहू (सिरमौर)।

मोहन सिंह: निवासी चोरस, नोहराधार (सिरमौर)।

अज्ञात महिला: एक मृतक महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

प्रशासन के अनुसार मोहन सिंह का शव सीएचसी ददाहू में जबकि कियान का शव सीएचसी संगड़ाह में रखा गया है। शवों का पोस्टमार्टम कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है तथा प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया जारी है।

इस हादसे पर मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं हादसे के कारणों की जांच भी की जा रही है।

हरिपुरधार बस दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। गांव-गांव में मातम का माहौल है और लोग दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

Photo of author

पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।