हिमाचल के धनंजय ने वर्ल्ड टेबल टेनिस चैंपियनशिप में बनाई टॉप-32 में जगह

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By Hills Post

शिमला: हिमाचल प्रदेश की युवा खेल प्रतिभाएं अब वैश्विक मंच पर अपनी धमक जमा रही हैं। इसी कड़ी में शिमला जिला के जुब्बल क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले युवा टेबल टेनिस खिलाड़ी धनंजय सिंह चांटा ने गुजरात में आयोजित प्रतिष्ठित विश्व टेबल टेनिस युवा प्रतियोगिता और फीडर वडोदरा 2026 (WTT Youth Contender and Feeder Vadodara 2026) में अपने शानदार खेल का प्रदर्शन किया है।

गुजरात खेल प्राधिकरण द्वारा 2 से 11 जनवरी तक आयोजित इस उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में धनंजय ने दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा करते हुए अंडर-17 और अंडर-19 दोनों श्रेणियों में ‘टॉप 32’ में अपनी जगह पक्की की। 10 देशों के लगभग 334 खिलाड़ियों की भागीदारी वाले इस वैश्विक आयोजन में हिमाचल के बेटे का यह प्रदर्शन एक सराहनीय उपलब्धि है।

धनंजय सिंह चांटा मूल रूप से शिमला जिले की जुब्बल तहसील के काइना गांव के निवासी हैं। उनके पिता कुशल चांटा और माता आरती ठाकुर चांटा ने बताया कि धनंजय की स्कूली शिक्षा सोलन के सेंट ल्यूक स्कूल से हुई, जहां से उनकी खेल प्रतिभा को शुरुआती दिशा मिली। खेल के प्रति उनका समर्पण बचपन से ही स्पष्ट था।

महज नौ साल की उम्र में उन्होंने 2018 में अपनी पहली राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भाग लिया था। उनकी असाधारण क्षमता को देखते हुए ठीक एक साल बाद, 2019 में मात्र 10 वर्ष की आयु में पेट्रोलियम खेल संवर्धन बोर्ड (PSPB) ने उन्हें चयनित कर लिया था, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

धनंजय के अब तक के करियर का ग्राफ बेहद प्रभावशाली रहा है। वे अब तक 7 राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप, 4 सीबीएसई राष्ट्रीय चैंपियनशिप और 24 जोनल स्तरीय टूर्नामेंटों में अपने रैकेट का जौहर दिखा चुके हैं। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में अंडर-13 वर्ग की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतना और वर्ष 2023 में सीबीएसई राष्ट्रीय टेबल टेनिस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम करना शामिल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टॉप-32 में जगह बनाकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वे भविष्य में देश और प्रदेश के लिए बड़ी पदक उम्मीद बनकर उभर रहे हैं।

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