शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसी भी पात्र व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पेंशन बंद नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने विभाग को आदेश दिए हैं कि जो भी पात्र लाभार्थी अभी तक पेंशन से वंचित हैं, उनके लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएं ताकि कोई भी अपने अधिकार से न छूटे। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक राज्य में 7,60,772 लाभार्थियों की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और सरकार का लक्ष्य बिना किसी अपवाद के सभी पात्र लोगों को इसका लाभ पहुंचाना है।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 4,131 निराश्रित बच्चे इस योजना का सीधा लाभ उठा रहे हैं और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने 30.69 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन बच्चों के लिए नियमित रूप से शैक्षणिक और मनोरंजक भ्रमण (Educational and Recreational Tours) आयोजित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जिन जिलों ने अभी तक ऐसे भ्रमण आयोजित नहीं किए हैं, उनसे विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इन कल्याणकारी कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए स्थानीय क्षेत्र विकास निधि का 10 प्रतिशत हिस्सा उपयोग करने का विशेष प्रावधान भी किया गया है।
महिलाओं और बच्चों के कल्याण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के सफल संचालन पर भी चर्चा की। यह योजना विशेष रूप से विधवा, निराश्रित या तलाकशुदा महिलाओं तथा दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को वित्तीय एवं शैक्षणिक सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है। राज्य में वर्तमान में इस योजना के 21,588 लाभार्थी हैं, जिनमें से 20,735 बच्चे 18 वर्ष तक की आयु के हैं। सरकार ने इस योजना के लिए 31.01 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार भविष्य में भी इन सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाती रहेगी।
इस अहम बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर एवं आशीष सिंहमार, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित खिमटा और महिला एवं बाल विकास निदेशक डॉ. पंकज ललित सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।