शिमला/भरमौर: हिमाचल प्रदेश में जारी भारी बारिश और भूस्खलन के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। चंबा जिले में स्थित प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान भूस्खलन की चपेट में आने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि आठ घायल हो गए और नौ अभी भी लापता हैं। ऊपर के क्षेत्रों में हुए भूस्खलन के कारण ये जानें गई हैं।

मणिमहेश यात्रा मार्ग पर करीब 8,000 श्रद्धालु फंसे होने का समाचार है। अब तक 3,457 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। भरमौर से आगे का संपर्क पूरी तरह कट गया है। फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
चंडीगढ़-मनाली हाईवे बंद, कुल्लू-मनाली में 1,500 पर्यटक फंसे
उधर, मंडी और कुल्लू के बीच भारी भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग एक बार फिर बंद हो गया है। कुल्लू-मनाली में लगभग 1,500 पर्यटक फंसे हुए हैं।
सड़कें, बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित
राज्य में 524 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। 1,230 ट्रांसफार्मर और 416 पेयजल योजनाओं के ठप होने से कई क्षेत्रों में बिजली और पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
स्कूल बंद, बचाव अभियान जारी
कुल्लू के उपायुक्त ने मनाली उपमंडल में शुक्रवार को सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है, जबकि कुल्लू उपमंडल में नौ स्कूल बंद रहेंगे।
गुरुवार को डल झील, गौरीकुंड, धन्छौ और हड़सर से पुलिस एवं अन्य विभागों के कर्मियों और लंगर चलाने वालों सहित 188 लोगों को बचाया गया। लमडल की ओर से चंबा के सात लोगों को निकाला गया। इस दौरान दो शव भी बरामद हुए, जिनकी पहचान गुरदासपुर और पठानकोट के निवासियों के रूप में हुई है। पिछले चार दिनों में 3,269 श्रद्धालुओं को हड़सर की तरफ सुरक्षित निकाला गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को ऊना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला सहित आठ जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, 31 अगस्त को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर बाकी सभी दस जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा।