शिमला: हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के सात जिलों में आगामी चार दिनों तक घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार को भी प्रदेश के निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जबकि राजधानी शिमला सहित कई अन्य क्षेत्रों में आसमान में बादल छाए रहे।

मौसम में आए इस बदलाव और दोपहर बाद कुल्लू-मनाली व लाहौल की ऊंची चोटियों पर हुई हल्की बर्फबारी से पूरे प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप और तेज हो गया है। रोहतांग दर्रा, बारालाचा, शिंकुला दर्रा, कुंजम दर्रा और पीर पंजाल की पहाड़ियों में बर्फ के फाहे गिरने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
प्रदेश में ठंड का आलम यह है कि राज्य के 17 स्थानों पर न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है। जनजातीय क्षेत्रों ताबो, कुकुमसेरी और कल्पा में पारा शून्य से नीचे (माइनस में) चल रहा है, जिससे वहां पानी जमने जैसी स्थिति बन गई है। राजधानी शिमला में भी बादल छाए रहने और सर्दीली हवाओं के कारण ठिठुरन लगातार बढ़ रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने पूर्वानुमान जताया है कि राज्य में 5 जनवरी तक मौसम मुख्यत: साफ रहेगा, लेकिन मैदानी इलाकों में कोहरे की धुंध छाई रहेगी। हालांकि, 6 जनवरी को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने के बाद 9 जनवरी तक पूरे प्रदेश में धूप खिली रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और ठंड बरकरार रहेगी। लेकिन इसके बाद, अगले 2-3 दिनों में राज्य में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल प्रशासन ने वाहन चालकों को कोहरे के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।