हिमाचल MSME फेस्ट में तीन दिनों में हुआ 20 लाख का कारोबार

Photo of author

By Hills Post

शिमला: राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान ने पिछले तीन दिनों में एक सशक्त ‘ट्रेड सेंटर’ का रूप ले लिया। यहां आयोजित हिम एमएसएमई फेस्ट-202′ न केवल भीड़ जुटाने में सफल रहा, बल्कि कारोबार के लिहाज से भी इसने नए कीर्तिमान स्थापित किए। महोत्सव के दौरान 30 लाख रुपये से अधिक का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया गया है, जो प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं और पर्यटकों के बढ़ते भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यहां लगाए गए 50 से अधिक स्टॉल रहे, जिनमें फेस्ट के इतिहास में पहली बार फैक्ट्री आउटलेट स्टॉल् की विशेष श्रेणी शामिल की गई। इन स्टॉल्स ने उपभोक्ताओं को नामी और विश्वसनीय ब्रांड्स के उत्पाद सीधे फैक्ट्री दरों पर उपलब्ध कराए, जो बाजार मूल्य से काफी कम थे। इस अनूठी पहल का दोहरा लाभ देखने को मिला एक तरफ आम जनता को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुएं प्राप्त हुई, तो दूसरी तरफ स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रत्यक्ष विपणन (Direct Marketing) का एक प्रभावी और सशक्त मंच मिला।

महोत्सव में हथकरघा (Handloom), चमड़ा उत्पाद, खाद्य सामग्री और लकड़ी के उत्पादों (Wood Products) सहित विभिन्न श्रेणियों के स्टॉल्स पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने इन स्टॉल्स पर जमकर खरीदारी की, जिससे हिमाचल प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान मिली और उनके लिए नए बाजार के रास्ते खुले। लोकल से ग्लोबल की अवधारणा को साकार करते हुए इस आयोजन ने स्थानीय कारीगरों, उत्पादकों और उद्यमियों को उपभोक्ताओं के साथ सीधा संपर्क स्थापित करने का अवसर प्रदान किया। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने उद्योग विभाग की इस पहल की सराहना की है।

इस शानदार सफलता पर उद्योग विभाग के निदेशक डॉ. यूनुस ने आयोजन से जुड़े सभी उद्यमियों, सहभागियों और अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हिम एमएसएमई फेस्ट-2026 की सफलता यह साबित करती है कि ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय उत्पादों को एक मजबूत बाजार प्रदान करते हैं, बल्कि इनसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। साथ ही, यह रोजगार सृजन और उद्यमिता विकास को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Photo of author

Hills Post

हम उन लोगों और विषयों के बारे में लिखने और आवाज़ बुलंद करने का प्रयास करते हैं जिन्हे मुख्यधारा के मीडिया में कम प्राथमिकता मिलती है ।