शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का ऐतिहासिक पीटरहॉफ परिसर हिम MSME फेस्ट-2026 के दूसरे दिन उद्यमिता, निवेश और नीतिगत संवाद के एक महाकुंभ का साक्षी बना। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर विचारों, विजन और विश्वास का एक जीवंत उत्सव बनकर उभरा, जिसने प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। दिनभर चले विभिन्न सत्रों में जहां सपनों को दिशा मिली, वहीं नई संभावनाओं ने भी आकार लिया।

दिन की शुरुआत सुबह 11 बजे महिला उद्यमी सम्मेलन के साथ हुई, जो आत्मविश्वास और प्रेरणा से लबरेज रहा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की विशेष उपस्थिति में आयोजित इस सत्र में प्रदेश की महिला उद्यमियों ने अपने संघर्ष से सफलता तक की रोमांचक कहानियां साझा कीं। वित्त प्रबंधन, बाजार तक पहुंच और नेटवर्किंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर हुई खुली चर्चा ने इस मंच को सीखने और आगे बढ़ने का माध्यम बना दिया। यहां गूंजी हर कहानी ने यह संदेश दिया कि हिमाचल की महिलाएं अब औद्योगिक क्षेत्र में केवल सहभागी नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रही हैं।
इसी कड़ी में आयोजित स्टार्टअप इन्वेस्टर मीट और पिच सेशंस ने युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी। यहां प्रस्तुत किए गए इनोवेटिव आइडियाज, तकनीकी समाधान और सामाजिक उद्यमों ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह मंच उन युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बना, जो नौकरी ढूंढने की मानसिकता से बाहर निकलकर नौकरी देने का माद्दा रखते हैं।
इसके बाद दोपहर 3 बजे से माहौल और भी गंभीर व महत्वपूर्ण हो गया, जब सीईओ राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस और वन-टू-वन मीटिंग्स का दौर शुरू हुआ। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में देश-प्रदेश के शीर्ष सीईओ, नीति-निर्माता और निवेशक एक ही टेबल पर मंथन करते नजर आए। इस दौरान औद्योगिक नीति, एमएसएमई की चुनौतियां और निवेश के अवसरों पर खुला और सार्थक संवाद हुआ, जिसने प्रदेश में निवेश का नया रोडमैप तैयार किया।
‘इन्वेस्ट इंडिया’ के सहयोग से आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) बायर-सेलर मीट भी आकर्षण का केंद्र रही। इसने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़कर कारीगरों के लिए नए बाजारों के दरवाजे खोल दिए, जिससे ‘लोकल से ग्लोबल’ की सोच को मजबूती मिली। दिन का समापन अनौपचारिक संवाद और रात्रि भोज के साथ हुआ, जहां नेटवर्किंग को नई ऊर्जा मिली। फेस्ट का दूसरा दिन यह साबित करने में सफल रहा कि यह केवल चर्चाओं का मंच नहीं, बल्कि हिमाचल के उज्ज्वल औद्योगिक भविष्य की नींव रखने वाला एक ऐतिहासिक अध्याय है।