71 की उम्र, 17 का जोश: नाहन फुटबॉल टूर्नामेंट में छाए गोलकीपर गुरु दत्त यादव

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By पंकज जयसवाल

नाहन : उम्र महज एक आंकड़ा है, अगर हौसला बुलंद हो। इस बात को सच कर दिखाया है हरियाणा पुलिस के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर गुरु दत्त यादव ने। नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में आयोजित ‘द्वितीय नीरज चंदेल मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट’ में 71 वर्षीय गुरु दत्त यादव आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

अम्बाला मास्टर्स की टीम से खेल रहे गुरु दत्त यादव ने इस टूर्नामेंट में गोलकीपर की भूमिका निभाई। उनकी फुर्ती और गोल पोस्ट पर मुस्तैदी को देखकर मैदान में मौजूद दर्शक ही नहीं, बल्कि युवा खिलाड़ी भी दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए। 71 की उम्र में उनका खेल किसी 17 साल के युवा खिलाड़ी जैसा नजर आया।

रिटायर्ड इंस्पेक्टर गुरु दत्त यादव न केवल खुद मैदान पर उतरे, बल्कि उन्होंने अपनी खेल भावना से पूरे टूर्नामेंट में एक नई ऊर्जा भर दी। वह आज के युवाओं के लिए एक मिसाल हैं कि खेल से जुड़कर कैसे खुद को फिट रखा जा सकता है। टूर्नामेंट के आयोजकों और खेल प्रेमियों ने उनके इस जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि “गुरु दत्त का खेल देखने लायक है। उन्होंने इस उम्र में भी खिलाड़ियों को न केवल साथ जोड़कर रखा है, बल्कि छोटे और उभरते हुए खिलाड़ियों को तैयार करने में भी वह अहम भूमिका निभा रहे हैं।”

नीरज चंदेल मेमोरियल टूर्नामेंट की प्रबंधन समिति और नाहन के खेल प्रेमियों ने गुरु दत्त यादव जी के इस जुनून को ‘काबिले तारीफ’ बताया है। उनकी सोच और खेल के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें विशेष रूप से सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया।स्थानीय निवासियों और खिलाड़ियों ने आशा व्यक्त की है कि गुरु दत्त यादव जी इसी तरह आने वाले समय में भी नाहन के मैदानों पर अपना जौहर दिखाते रहेंगे। उनके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए सभी ने मंगलकामनाएं दी हैं।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।