नाहन की शान ऐतिहासिक दिल्ली गेट(लिटन मेमोरियल)की खूबसूरती को चार चांद लगाते इश्तिहार

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By पंकज जयसवाल

नाहन : सन 1621 में स्थापित नाहन शहर की शान “लिटन मैमोरियल” इन दिनों इश्तिहारों की दुकान बना हुआ है जहाँ देखो वहां इश्तिहार। नाहन स्थित इस स्मारक को स्थानीय लोग लिटन मेमोरियल की अपेक्षा इसे दिल्ली गेट या फिर दिल्ली दरवाजा कहना ज्यादा पसंद करते हैं। पर इस दिल्ली गेट को शहर के कुछ लोगों ने इश्तिहार चिपका -चिपका कर इसको ख़राब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है इसकी दीवारों से पेंट और प्लास्टर भी उखड जा चुका है यही नहीं इसके आसपास आयुर्वेदिक कॉलेज और बड़ा चौक स्कूल की दीवारें भी पोस्टरों से सजी हुई हैं।

शहर के लोगों का कहना है कि इस हेरिटेज को संभालना नाहन के लोगों का काम है और जो लोग यह काम कर रहे हैं उनके खिलाफ नगरपालिका को कोई करवाई जरूर करनी चाहिए नहीं तो इस ऐतिहासिक दिल्ली गेट को खत्म होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। अतः यहाँ पोस्टर चिपकाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होना चाहिए। ताकि जो भी पर्यटक इस शहर में आएं वो इस ऐतिहासिक हैरिटेज भवन की सुंदरता का आनन्द उठायें ना कि इसको और नाहन के लोगों को तिरस्कार की नज़र से देखें |

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।