शिमला: APG शिमला विश्वविद्यालय में नववर्ष 2026 का आगाज आध्यात्मिकता और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में नए साल की शुरुआत वैदिक परंपराओं के अनुसार मंदिर में पवित्र हवन-यज्ञ के साथ की गई। इसमें संकाय सदस्यों और स्टाफ ने पूर्ण विधि-विधान से भाग लेते हुए आहुतियां डालीं और एक सफल व समृद्ध शैक्षणिक वर्ष के लिए ईश्वर से आशीर्वाद मांगा।
हवन के पवित्र वातावरण के बाद जश्न का दौर शुरू हुआ, जहां मशहूर ‘शेरा बैंड’ की लाइव म्यूजिकल परफॉर्मेंस ने पूरे परिसर को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। भक्तिमय शुरुआत के बाद संगीत की धुनों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया, जिसका स्टाफ सदस्यों ने भरपूर आनंद लिया। इस दौरान आयोजित एक विशेष ‘गेट-टुगेदर’ में सभी ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और आपसी मेल-जोल बढ़ाया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शीर्ष पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रो-चांसलर डॉ. रमेश चौहान, सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत, रजिस्ट्रार डॉ. आर.एल. शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ. आनंद मोहन, डीन फैकल्टी डॉ. अश्वनी शर्मा, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. नीलम शर्मा और परीक्षा नियंत्रक अफजल खान ने कार्यक्रम में शिरकत कर स्टाफ का मनोबल बढ़ाया। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने वर्ष 2026 के लिए अपना शैक्षणिक विजन भी स्पष्ट किया। प्रबंधन ने इस वर्ष को छात्रों के लिए अधिक अर्थपूर्ण और रोजगारपरक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रबंधन ने घोषणा की कि इस साल छात्रों के लिए ‘हैंड्स-ऑन लर्निंग प्रोग्राम’ और औद्योगिक यात्राओं (Industrial Visits) पर विशेष फोकस रहेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक दुनिया (Real World Experience) की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। प्रबंधन ने जोर देकर कहा कि वे एपीजी शिमला विश्वविद्यालय को और अधिक गतिशील, छात्र-सुलभ और व्यावहारिक शिक्षण का केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, ताकि यहां से निकलने वाले छात्र भविष्य में अपनी अलग पहचान बना सकें।