शिमला: APG शिमला विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण अभियान का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। विश्वविद्यालय परिसर पहुँचने पर प्रशासन, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ हिमाचली परंपरा से राज्यपाल का गर्मजोशी से स्वागत किया।

कार्यक्रम में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन के जवान, एपीजी यूनिवर्सिटी के प्रति-कूलाधिपति प्रो. डॉ. रमेश चौहान, कुलपति प्रो. डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान, कुलसचिव प्रो. डॉ. आर.एल. शर्मा, डीन प्रो. डॉ. अश्वनी शर्मा, सलाहकार सुमन विक्रांत, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. डॉ. आनंद मोहन शर्मा तथा डीन छात्र कल्याण प्रो. डॉ. नीलम शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने राज्यपाल को हिमाचली टोपी, शॉल, स्मृति चिह्न व पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
पौधरोपण केवल औपचारिकता नहीं, भविष्य के लिए अति-आवश्यक निवेश: राज्यपाल
विश्वविद्यालय के सभागार में दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और वंदे मातरम के साथ मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कुलपति प्रो. डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने अपने स्वागत भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 जून 2024 को शुरू किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के महत्व को रेखांकित किया। छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि पेड़ केवल शोभा की वस्तु नहीं हैं, बल्कि ये हमारे जीवन का असली आधार हैं। केवल पौधा लगा देना ही काफी नहीं है, जब तक कि हम उसके बड़े होने तक उसके संरक्षण का संकल्प न लें। पौधरोपण कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ जीवन के लिए एक अति-आवश्यक निवेश है।
राज्यपाल ने पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्रीय चेतना, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने हर छात्र से प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने समाज में फैल रही नशे की कुरीति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश को नशामुक्त बनाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना हर नागरिक का कर्तव्य है, तभी हम भारत को एक विकसित राष्ट्र बना पाएंगे।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रतियोगिता विजेताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषयों पर आधारित लघु नाटक व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही छात्रों ने मनमोहक डोगरी नृत्य और हिमाचली नाटी प्रस्तुत कर सभागार में समां बाँध दिया। इस अवसर पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को राज्यपाल द्वारा प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक समापन कुलसचिव प्रो. डॉ. आर. एल. शर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। समारोह में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज और ओएसडी साहिल वर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।