APG शिमला विश्वविद्यालय ने मनाया 14वां स्थापना दिवस और शिक्षक दिवस

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By Hills Post

शिमला: एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में 14वां स्थापना दिवस और शिक्षक दिवस बेहद उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में संयुक्त रूप से मनाया गया। इस विशेष अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सम्मान तथा विश्वविद्यालय की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले गणमान्य लोगों का अभिनंदन किया गया।

सुबह से ही विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जहां विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस पर अपने गुरुओं के प्रति आदर और आभार प्रकट किया। इसके बाद आयोजित मुख्य स्थापना दिवस समारोह में विश्वविद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और संस्थान की 14 वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा का जश्न मनाया। इस दौरान मुख्य संदेश यही उभरकर सामने आया कि एक मजबूत संगठन तभी मजबूती से खड़ा रहता है, जब उसके नेतृत्वकर्ता उन लोगों को पहचानते और सम्मानित करते हैं जो उसकी नींव को मजबूत बनाते हैं।

कुलाधिपति और अन्य वक्ताओं के संबोधन

समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपने 14 वर्षों के सफर में कई चुनौतियों और उपलब्धियों का सामना किया है, लेकिन इसकी शैक्षणिक प्रगति की रफ्तार हमेशा निरंतर बनी रही। उन्होंने गर्व से कहा कि शिमला विश्वविद्यालय आज न केवल हिमाचल प्रदेश, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी उच्च शिक्षा का एक पसंदीदा केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने इस सफलता का पूरा श्रेय प्रबंधन, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया तथा घोषणा की कि आने वाले वर्ष में विश्वविद्यालय का मुख्य फोकस अनुसंधान, रोजगार सृजन और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के विकास पर रहेगा।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. डॉ. आर.एल. शर्मा ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों का समर्पित योगदान ही इस 14 साल की यात्रा की सबसे मजबूत रीढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने केवल कक्षाओं तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में नवाचार और व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा दिया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह

नवनियुक्त कुलपति प्रो. डॉ. देविंदर शर्मा ने सभी को बधाई दी और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। विद्यार्थियों ने पारंपरिक हिमाचली नाटी, पंजाबी और कांगड़ी नृत्य के साथ-साथ सुस्वागतम जैसी सुंदर प्रस्तुतियां देकर भारतीय संस्कृति की मनमोहक झलक पेश की। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों के इस उत्साहवर्धन के लिए प्रत्येक सांस्कृतिक टीम को ₹5,100 की नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के प्रति उत्कृष्ट और निष्ठावान सेवाएं देने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र, पदक व उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डीन फैकल्टी डॉ. अश्वनी शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की विकास यात्रा से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. रमेश चौहान, सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत, डीन फैकल्टी डॉ. अश्वनी शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ. आनंद मोहन शर्मा, एसोसिएट डीन एकेडमिक्स डॉ. ज्योत्सना, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. नीलम शर्मा, डीन फॉरेंसिक साइंस डॉ. टीना शर्मा, डीन मैनेजमेंट डॉ. नीति नाग, डायरेक्टर एडमिशन उषा चौहान, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन अफजल खान सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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