शिमला: हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय खेल दिवस पर एपीजी शिमला विश्वविद्यालय का परिसर खेल भावना और रोमांच से सराबोर हो गया। दो दिवसीय खेल महोत्सव में विश्वविद्यालय के छात्रों, एनडीआरएफ के जवानों, स्थानीय युवाओं और स्कूली बच्चों सहित 150 से अधिक खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में जमकर पसीना बहाया।
इस खेल महोत्सव का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. डॉ. आर. एल. शर्मा समेत शीर्ष प्रबंधन ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित करके किया। इस अवसर पर सभी खिलाड़ियों और छात्रों को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रहने तथा खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने की शपथ दिलाई गई।

कबड्डी और वॉलीबॉल रहे मुख्य आकर्षण
प्रतियोगिता के सबसे रोमांचक मुकाबले कबड्डी और वॉलीबॉल के मैदान पर देखने को मिले। वॉलीबॉल में जसूर (कांगड़ा) से आई एनडीआरएफ यूनिट के जवानों ने अपने शानदार खेल, अनुशासन और टीम वर्क का प्रदर्शन करते हुए एकतरफा जीत हासिल की।
वहीं, कबड्डी का मैच एक बड़े उलटफेर का गवाह बना, जहाँ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ब्योलिया की ‘यंग ब्लड’ टीम ने अपने से अनुभवी ‘सोलो ब्रदर्स’ टीम को बड़े अंतर से हराकर सभी को चकित कर दिया। दर्शकों ने युवा खिलाड़ियों के इस दमदार प्रदर्शन की खूब सराहना की।
महिला खिलाड़ियों और अन्य विजेताओं का दबदबा
महिला वर्ग में ‘फियरलेस फाइटर्स’ टीम का दबदबा रहा, जिसने कबड्डी और वॉलीबॉल दोनों प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त, टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम और लूडो जैसी प्रतियोगिताओं में भी छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के समापन पर कुलसचिव डॉ. आर.एल. शर्मा ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए कहा, “खेल हमें केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। यह टीम भावना, अनुशासन और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का एकमात्र प्रभावी माध्यम है।” सभी विजेता खिलाड़ियों और टीमों को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।