शिमला: एपीजी (अलख प्रकाश गोयल) शिमला विश्वविद्यालय ने नेक्स्टजेन सीटीपीएल (NextGen CTPL) के सहयोग से आयोजित अपने पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफलतापूर्वक समापन किया। 19 जनवरी से 23 जनवरी, 2026 तक चले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों (फैकल्टी) के शिक्षण कौशल को निखारना, उनकी अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाना और शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था। इस दौरान विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के गुर सीखे।

कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों की एक प्रतिष्ठित टीम ने फैकल्टी को प्रशिक्षित किया। इनमें प्रभावी व्याख्यान देने के विशेषज्ञ डॉ. संजय शर्मा, फैकल्टी डेवलपमेंट और एथिक्स पर डॉ. विश्व प्रताप सिंह, रिसर्च मेथडोलॉजी के विशेषज्ञ डॉ. सौरभ आनंद, बोर्ड प्रबंधन और विजुअल कम्युनिकेशन के विशेषज्ञ आयुष गुप्ता और आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (OBE) विशेषज्ञ तपस्या शामिल रहीं। इन सत्रों के दौरान फैकल्टी को इंटरैक्टिव लेसन प्लानिंग, लैब प्रबंधन, शोध लेखन, उच्च प्रभाव वाली पत्रिकाओं में प्रकाशन, पाठ्यक्रम मैपिंग और मूल्यांकन योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस एफडीपी में कंप्यूटर साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) योगेश बान्याल और मैनेजमेंट विभाग की एचओडी डॉ. ऋतिका ठाकुर सहित सभी नेक्स्टजेन फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह आयोजन एपीजी शिमला विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।