APG शिमला विश्वविद्यालय में ‘एकृति 2025’ का आयोजन

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By Hills Post

शिमला: एपीजी शिमला विश्वविद्यालय का परिसर शुक्रवार को भारत के विविध सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। विश्वविद्यालय के साइंस स्कूल द्वारा आयोजित ‘एकृति – संस्कृति के माध्यम से एकता का प्रदर्शन’ कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से भारत की ‘विविधता में एकता’ की भावना को जीवंत कर दिया।

अलख ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. आर.एल. शर्मा ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय में भारत के हर राज्य से छात्र पढ़ते हैं, और ‘एकृति’ जैसे आयोजन इस सांस्कृतिक एकता को और मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में छात्रों ने देश के कोने-कोने की संस्कृति को मंच पर उतारा। दक्षिण भारत के भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी से लेकर पश्चिम के गरबा और घूमर तक, हर प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, बंगाल और पूर्वोत्तर की संस्कृति की झलक ने भी खूब तालियां बटोरीं। उत्तर भारत की संस्कृति को दर्शाते हुए पंजाब के ऊर्जावान भांगड़ा और हिमाचल की मनमोहक प्रस्तुतियों ने माहौल में नया जोश भर दिया।

इस सांस्कृतिक यात्रा के बीच, विश्वविद्यालय की नाट्य समिति ‘वेद’ ने एक सामाजिक संदेश देने वाला नाटक प्रस्तुत किया, जिसकी सभी ने सराहना की। कार्यक्रम का एक और मुख्य आकर्षण ‘हेरिटेज वॉक’ रहा, जिसमें छात्रों ने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा पहनकर रैंप वॉक किया, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत का सुंदर प्रदर्शन था।

‘एकृति 2025’ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि एपीजी विश्वविद्यालय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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