APG शिमला यूनिवर्सिटी में मल्टीमॉडल रेडियोइमेजिंग पर सेमिनार का आयोजन

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By Hills Post

शिमला: एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज द्वारा विश्वविद्यालय के अलख ऑडिटोरियम में मल्टीमॉडल रेडियोइमेजिंग: फ्रॉम डायग्नोसिस टू क्लिनिकल प्रैक्टिस विषय पर एक भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मेडिकल इमेजिंग के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास और उनके चिकित्सकीय उपयोग से गहराई से अवगत कराना था।

विशेषज्ञ वक्ताओं के बहुमूल्य विचार

इस सेमिनार में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़ के डिपार्टमेंट ऑफ रेडियोडायग्नोसिस एंड इमेजिंग से डॉ. सुशील कुमार बट्टन और सीनियर टेक्निकल ऑफिसर डॉ. मोहिंदर शर्मा ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में विशेष तौर पर शिरकत की। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक मेडिकल इमेजिंग तकनीकों तथा उनके क्लिनिकल अनुप्रयोगों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने विभिन्न इमेजिंग मॉडेलिटीज की भूमिका पर चर्चा करते हुए बताया कि मरीज की वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति और आवश्यक डायग्नोस्टिक जानकारी के आधार पर हमेशा उपयुक्त इमेजिंग तकनीक का चयन किया जाना चाहिए। उन्होंने एक्स-रे और सीटी स्कैन सहित विभिन्न उन्नत इमेजिंग तकनीकों के क्लिनिकल उपयोग और उनकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

मेडिकल इमेजिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता महत्व

सेमिनार के दौरान मेडिकल इमेजिंग के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग पर भी विशेष चर्चा की गई। वक्ताद्वय ने इमेज एक्विजिशन, प्रोसेसिंग, एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन में एआई के अनुप्रयोगों को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि इन तकनीकी विकासों से डायग्नोस्टिक इमेजिंग की पूरी कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है, जिससे रेडियोलॉजी और एलाइड हेल्थकेयर के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

विद्यार्थियों की पोस्टर प्रस्तुति और प्रतियोगिता के परिणाम

इस सेमिनार के अंतर्गत स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के 10 विद्यार्थियों ने रेडियोलॉजी और एक्स-रे व सीटी स्कैन जैसी विभिन्न इमेजिंग मॉडेलिटीज पर आकर्षक पोस्टर प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से विषय की अपनी गहरी समझ, इमेजिंग तकनीकों में हो रहे विकास और उनके क्लिनिकल अनुप्रयोगों को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया। इस प्रतियोगिता में वैशाली (पांचवां सेमेस्टर) प्रथम स्थान, शेरोन (पांचवां सेमेस्टर) तथा पलक शर्मा (तीसरा सेमेस्टर) द्वितीय स्थान, मुकुल शर्मा और धनवी (दोनों पांचवें सेमेस्टर से) तृतीय स्थान प्राप्त किया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और खुला संवाद

कार्यक्रम के दौरान वाइस चांसलर डॉ. देविंदर शर्मा, डीन एकेडमिक्स डॉ. आनंद मोहन शर्मा, एसोसिएट डीन एकेडमिक्स डॉ. ज्योत्सना शर्मा तथा स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की डीन एवं IQAC की डायरेक्टर डॉ. टीना शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के बीच एक रोचक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने इमेजिंग तकनीकों, उभरती प्रौद्योगिकियों और उनके क्लिनिकल अनुप्रयोगों से जुड़े कई प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की सभी जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक और महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। इस अवसर पर आमंत्रित सभी विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय की ओर से सम्मानित किया गया। इस सेमिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को डायग्नोस्टिक इमेजिंग के व्यावहारिक पहलुओं तथा रेडियोलॉजी में आधुनिक तकनीक और एआई की बढ़ती भूमिका को नजदीक से समझने का बेहतरीन अवसर मिला।

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