शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के आगाज से ठीक पहले सोमवार सुबह सियासी पारा चढ़ गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक ली और विपक्ष के हमलों का जवाब देने की रणनीति तैयार की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला।

CM ने अनुराग ठाकुर के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद करने का फैसला 20 साल पहले ही ले लिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुराग ठाकुर हवा में बात न करें। अगर ऐसा कोई फैसला हुआ था, तो उसका लिखित प्रमाण दिखाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं खुद केंद्रीय वित्त मंत्री से चार बार मिल चुका हूं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसे किसी पुराने फैसले का जिक्र नहीं किया।
मुख्यमंत्री ने भाजपा और अनुराग ठाकुर को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि विपक्ष को भी दिख रहा है कि आरडीजी बंद होने से प्रदेश को हर साल 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। मैं पूछता हूं, क्या भाजपा नेता इस बहाली के लिए प्रधानमंत्री से मिलने को तैयार हैं? अगर हां, तो मैं मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल छोड़कर एक आम नागरिक के तौर पर उनके साथ प्रधानमंत्री के पास चलने को तैयार हूं।
CM ने भावुक अपील करते हुए कहा कि आरडीजी किसी सरकार की लड़ाई नहीं है। यह हिमाचल के बेरोजगार युवाओं, गरीबों और किसानों के पेट की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जो राजनीति करनी है, मेरे खिलाफ करे, मुझे गाली दे, लेकिन आरडीजी पर राजनीति करके प्रदेश के हितों को नुकसान न पहुंचाए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्वदलीय बैठक में भी हिस्सा लिया, जहां प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा हुई।